अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा: सिविल कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर जारी किए नोटिस
अजमेर/ हलचल। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार के दावे के बाद अजमेर दरगाह का मामला अब न्यायालय की दहलीज पर पहुँच गया है। परमार ने दरगाह परिसर में प्राचीन शिव मंदिर होने का दावा करते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह के माध्यम से इस संबंध में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे सिविल कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने संबंधित विभागों को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है।
प्रमुख घटनाक्रम:
नोटिस जारी: कोर्ट ने राजस्थान पुरातत्व विभाग, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दावे का आधार: याचिकाकर्ता ने ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए दरगाह स्थल पर मंदिर होने की बात कही है।
विधिक प्रक्रिया: सिविल कोर्ट अब इस मामले में प्राप्त जवाबों और दस्तावेजों के आधार पर आगामी सुनवाई करेगी।
यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश भर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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