अलवर डाकघर और पासपोर्ट केंद्र को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी: तमिलनाडु के विवाद से जुड़े तार, एक महीने में दूसरी बार मचा हड़कंप
अलवर। राजस्थान के अलवर शहर में सुरक्षा व्यवस्था उस समय चरमरा गई जब मुख्य डाकघर और परिसर में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। मार्च के महीने में यह दूसरी बार है जब इस महत्वपूर्ण परिसर को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुँच गईं और पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
ई-मेल में तमिलनाडु के 'उदयनिधि' और 'डीएमके' का जिक्र:
जांच में सामने आया है कि यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी। ई-मेल की भाषा बेहद चौंकाने वाली है, जिसमें लिखा गया है— "मेडिकल कॉलेज में डॉ. अब्दुल मोहम्मद भाई का अपमान, सभी एम.के स्टालिन/डीएमके समर्थकों का है। तमिलनाडु की समस्याओं को आपके पोस्ट/पासपोर्ट कार्यालयों तक लाने के लिए माफी चाहता हूँ, लेकिन तमिलनाडु के पत्रकार उदयनिधि के गुलाम हैं।" इस संदेश ने सुरक्षा एजेंसियों को उलझा दिया है कि आखिर तमिलनाडु के राजनीतिक विवाद का अलवर के डाकघर से क्या संबंध है।
आनन-फानन में खाली कराया गया परिसर:
धमकी मिलते ही एहतियात के तौर पर डाकघर के अंदर मौजूद सभी कर्मचारियों और आम नागरिकों को तुरंत बाहर निकाला गया। पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ते ने भवन के एक-एक कोने और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। करीब आधे घंटे तक डाकघर का कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
10 मार्च को भी मिली थी ऐसी ही धमकी:
गौरतलब है कि इसी महीने 10 मार्च को भी ठीक इसी तरह की धमकी मिली थी। अलवर में सरकारी भवनों, विशेषकर मिनी सचिवालय को पहले भी कई बार बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
साइबर टीम तलाश रही है आरोपी के निशान:
बार-बार मिल रही इन फर्जी धमकियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की साइबर टीम इस ई-मेल के वास्तविक स्रोत (IP एड्रेस) और भेजने वाले का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है और जल्द ही इन अराजक तत्वों को बेनकाब किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
