श्रद्धा, साधना और सेवा का अनुपम संगम बना निंबाहेड़ा का प्रातःकालीन विहार
निंबाहेड़ा। निंबाहेड़ा विहार सेवा के 414वें विहार अवसर पर मंगलवार प्रातःकाल ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने श्रद्धालुओं के मन को भाव-विभोर कर दिया। साध्वी धैर्य प्रभा जी मा. सा. आदि ठाना 6 के विहार के दौरान उदयमान सूर्य की लालिमा, शीतल और निर्मल वातावरण तथा सेवकों के अनुशासित चरणों ने तप, त्याग और आत्मशुद्धि की साधना का जीवंत संदेश दिया।
प्रातःकालीन समय में निकला यह विहार केवल यात्रा भर नहीं था, बल्कि साधना और सेवा-भाव की अद्भुत झलक भी था। शांत वातावरण में गूंजती भक्ति भावना ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आंतरिक ऊर्जा से भर दिया। विहार सेवकों ने पूरे संयम और समर्पण के साथ मार्ग को सुव्यवस्थित रखते हुए सेवा कार्य किया, जिससे यह आयोजन आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक बन गया।
इस अवसर पर निंबाहेड़ा विहार सेवा ग्रुप के सेवक वीरेंद्र मारु, हिमांशु मारु उपस्थित रहे, जबकि पूरे दृश्य को कैमरे में कैद करने का कार्य मुकेश बंब द्वारा किया गया। यह प्रातःकालीन विहार न केवल साधना का उदाहरण बना, बल्कि समाज में सेवा और श्रद्धा की प्रेरणा भी छोड़ गया।