छात्राओं को दिया जागरूकता का संदेश
चित्तौड़गढ़। राबाउमावि शहर में छात्राओं को कानूनी, साक्षरता, संवेदनशीला, साइबर अपराध के रूप में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य चन्द्रकान्ता राठौड़ ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में स्थानीय विद्यालय में छात्राओं को जागरूकता लाने के लिए समाज में जो अपराध हो रहे हैं, उनके प्रति जागरूक कैसे रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश अटलसिंह चम्पावत ने छात्राओं को डिजीटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड, हेल्पलाईन नम्बर, साइबर अब्यूज, मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना, अपनी निजी जानकारी नही देने, कोर्ट वाली दीदी में छात्राओं की परिवेदना आदि की जानकारी दी जिसे छात्राओं ने ध्यान से सुनकर अमल में लाने का संकल्प लिया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने नवप्रवेशी छात्राओं का भी उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। आयुषी गहलोत ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन मेल आईडी के बारे में जानकारी दी। उपाचार्य महीपाल ने मुख्य अतिथि, गोविन्द सिंह, मदनलाल शर्मा, भंवरसिंह का माला पहना कर, उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। संचालन प्राध्यापक गोपेश कोदली ने किया। कार्यक्रम में उपाचार्य भंवरकंवर तंवर, आशा आचार्य, लीला दशोरा, सरोज टेलर, जुला लोढ़ा, पूर्णिमा मेहता, मुक्ता निगम, सुनील चतुर्वेदी, ज्योति सुराणा, निर्मला शर्मा, अंतुम आशिया, लोकेश वासवानी, रमेश कुमार, मंजू मेनारिया, चांदनी कोली, राजकुमार बजाज, अवन्तिका गर्ग, अमानत रानी, अनिल लोठ आदि मौजुद रहे।
विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के किशोर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक अभिनव और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष मानसिंह चूंडावत के नेतृत्व में मंगलवार को श्री भुवनभानुसुरीश्वर जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय में इस अभियान की शुरूआत हुई। चूंडावत ने इस विद्यालय में उपस्थित बच्चों को साइबर अवेयरनेस के बारे में जागरूकता फैलाकर बच्चों को उद्बोधन दिया कि इस अभियान से संबंधित बच्चों की जो भी शिकायत थी उनका भी सरल भाषा में निराकरण किया। प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल ने भी विद्या निकेतन बालिका उच्च मा. वि. गोलवलकरनगर, भोईखेड़ा में आयोजित शिविर में बालिकाओं को साइबर अवेयरनेस के बारे में जागरूक किया। इस दौरान पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत द्वारा भी बच्चों को जागरूक कर समस्या का निराकरण किया।