चित्तौड़गढ़ में अनंत भक्ति का संगम: श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन लाखों श्रद्धालु हुए उपस्थित

Update: 2026-01-18 14:28 GMT

चित्तौड़गढ़  परम पूजनीय अनंत विभूषित महामंडलेश्वर ब्रह्मचारी उत्तम स्वामी महाराज के  मुख से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन रविवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। दूसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि पांडाल पूरी तरह भर गया और आयोजकों को अतिरिक्त बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी कथा श्रवण के लिए पहुंचे, जिससे पूरा माहौल भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।

कथा का शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ से किया गया, जिसके बाद महाराज ने संक्षिप्त पारायण के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य के दुखों और कष्टों का मुख्य कारण संसार के प्रति अत्यधिक राग और मोह है, जो व्यक्ति को ईश्वर, गुरु और धर्म के बोध से दूर कर देता है।

भागवत कथा के माध्यम से महाराज ने गोकर्ण की प्रसिद्ध कथा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गोकर्ण ने अपने दुराचारी भाई धुंधकारी की मृत्यु के बाद उसे प्रेत योनि से मुक्त कराने के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया। महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय गौसेवा प्रमुख अजित महापात्र, भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय सहमंत्री गजेन्द्र सिंह, राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक, जिला संघचालक अनिरुद्ध सिंह भाटी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों में सनातन गौरव समिति के संयोजक प्रवीण टांक, सहसंयोजक शैलेन्द्र झंवर और अन्य समिति सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे। महिला श्रद्धालुओं की संख्या भी विशेष रूप से बड़ी रही।

मीडिया प्रभारी राजन माली ने बताया कि आगामी दिनों में कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है और समिति द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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