हिन्दू नव वर्ष के स्वागत में हुआ अखिल भारतीय विराट हिन्दू कवि सम्मेलन

By :  vijay
Update: 2025-03-31 13:38 GMT
हिन्दू नव वर्ष के स्वागत में हुआ अखिल भारतीय विराट हिन्दू कवि सम्मेलन
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निम्बाहेड़ा। नव वर्ष उत्सव समिति के तत्वावधान में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय हिंदू नव संवत्सर विक्रम संवत 2082 के अवसर पर नगर परिषद निम्बाहेड़ा के सौजन्य से अखिल भारतीय विराट हिन्दू कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे कवि एवं कवित्रियों ने एक से बढ़कर एक वीर रस, राष्ट्र भक्ति एवं वर्तमान के ज्वलनशील मुद्दों पर काव्य रचनाओं और चुटकुलों की प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं के समक्ष समां बांध दिया।

उक्त जानकारी देते हुए नव वर्ष उत्सव समिति अध्यक्ष विरेश चपलोत ने बताया कि आदर्श कॉलोनी स्थित कल्याण चौक पर रात्रि 9 बजे से अखिल भारतीय विराट हिन्दू कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जो देर रात्रि 2 बजे तक चला। कवि सम्मेलन में देश के ख्याति प्राप्त कवियों में शुमार उदयपुर के प्रसिद्ध गीतकार राव अजातशत्रु के संचालन में मुरैना (मप्र) के हास्य रस के कवि तेजनारायण बैचेन, चोगावड़ी राजस्थानी गीतकार सोहन चौधरी, शक्करगढ़ के हास्य कवि एवं गीतकार राजकुमार बादल, बांसवाड़ा की ओज कवित्री रोहिणी पंड्या, पालसोड़ा के मालवी हास्य रस कवि गोपाल धुरंधर, बिनोता के ओज कवि अंशुमान आजाद एवं कल्याण नगरी से जया धनगर (वेदा) के साथ विनोद सोनी (सूत्रधार) की रचनाओं ने देर रात्रि तक उपस्थित श्रोताओं के समक्ष शमा बांध दिया।

कवि सम्मेलन में पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष नितिन चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, पूर्वी मण्डल अध्यक्ष अशोक जाट, पश्चिमी मण्डल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह शक्तावत, एसडीएम एवं परिषद प्रशासक विकास पंचौली, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक गजेंद्र नवलखा, नगर महामंत्री कमलेश बनवार, नीलेश मेहता आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कवि सम्मेलन का शुभारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सत्यनारायण भाई साहब, महेश भाई साहब, नव वर्ष उत्सव समिति अध्यक्ष विरेश चपलोत सहित कवियों के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया, ततपश्चात बांसवाड़ा की ओज कवियत्री रोहिणी पांड्या की देवी सरस्वती को समर्पित कविता पाठ से हुआ। इसके बाद स्थानीय ओज रस के कवि अंशुमान आजाद के राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत कविता पाठ ने पांडाल में उपस्थित श्रोताओं सहित अतिथियों को उत्साह से भर दिया। अंशुमान आजाद की राणा सांगा पर कविता "मातृ भूमि का मान बढ़ाने रण में चढ़े भगना अवशेष" सुनाकर मेवाड़ की गौरव गाथा का बखान किया। वहीं चोगावडी (गंगरार) के राजस्थानी गीतकार सोहन चौधरी की बेटियों पर प्रस्तुत किए गए गीत को श्रोताओं ने खासकर महिलाओं ने खूब सराहा। कवि सम्मेलन में शक्करगढ़ के हास्य व्यंग्य के कवि राजकुमार बादल के हास्य व्यंग्य की बौछारों ने पांडाल में उपस्थित अतिथियों एवं श्रोताओं को गुदगुदाया। उन्होंने कोरोना काल में बिताए पलों, पति-पत्नी के बीच की मीठी तकरार के साथ ही भारत जोड़ो यात्रा पर भी व्यंग कसते हुए मेवाड़ी में काव्य रचना प्रस्तुत की तथा जमकर दाद बटोरी। कल्याण नगरी की ओज रस की कवियत्री जया धनगर (वेदा) ने भी राणा सांगा से लेकर लव जिहाद पर वर्तमान स्थिति के संबंध में कविताओं को सुनाया। उन्होंने "गुड़िया नही हाथों में तलवार देनी होगी, फोन हाथ से लेकर शिक्षा अस्त्र शस्त्र की देनी होगी" कविता सुनाकर वर्तमान परिपेक्ष्य में मोबाइल के दुष्प्रभाव से बच्चियों को बचाने की ओर ध्यान आकर्षित किया। कवि सम्मेलन के मध्यांतर में मुरैना से आए अतिथि कवि तेजनारायण बैचेन की हास्य व्यंग्य के रूप में राजनीति पर कटाक्ष करती कविताएं सुनाकर खूब गुदगुदाते हुए वाह वाही बटोरी। इसके साथ ही निम्बाहेड़ा के कवि विनोद सोनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं पर कविता का पाठ कर देशभक्ति का जज्बा बयां किया। सोनी ने निम्बाहेड़ा का परिचय देते हुए "हकीकत का है ख्वाबों का शहर नही है, यह धर्म और अध्यात्म की कल्याण नगरी है" कविता का पाठ किया, तो पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया। कवि सम्मेलन के अंतिम पड़ाव में पालसोड़ा के गोपाल धुरंधर के हंसी के फव्वारों से माहौल खुशनुमा हो गया, वहीं करीब दो बजे तक चले कवि सम्मेलन का संचालक कर रहे कवि राव अजातशत्रु की कविताओं से सम्मेलन का समापन हुआ।

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