"मिला पुश्तैनी हक, बढ़ा आत्मसम्मान – ग्राम सुवाणिया में न्याय की दस्तक"

Update: 2025-07-08 15:22 GMT

चित्तौड़गढ़,। राज्य सरकार की अभिनव पहल पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा 2025 के तहत सोमवार 07 जुलाई को बेगू पंचायत समिति की सुवाणिया ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर न केवल योजनाओं की जानकारी देने का जरिया बना, बल्कि वर्षों से उपेक्षित रह रहे ग्रामीणों को उनका पुश्तैनी अधिकार भी दिलाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।

पारंपरिक ज़मीन पर मिला कानूनी अधिकार

सोमवार 07 जुलाई को ग्राम पंचायत सुवाणिया में शिविर का आयोजन हुआ, जहां पंचायत प्रशासक द्वारा पंचायतीराज विभाग के माध्यम से 6 पात्र ग्रामीणों को पुश्तैनी पट्टे वितरित किए गए। ये वे ग्रामीण थे, जो अपने पूर्वजों की भूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे थे, किंतु वैधानिक दस्तावेज़ के अभाव में सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, आवास, बिजली या अन्य आधारभूत सुविधाओं से वंचित रह जाते थे।

लाभार्थियों में शंकर पुत्र हजारी निवासी माण्डना, कालुलाल पुत्र छगनलाल निवासी सुवाणिया, श्यामलाल पुत्र नानालाल निवासी माण्डना, भूरा पुत्र भवाना निवासी नाथूरामजी का खेड़ा, श्यामलाल पुत्र मोतीलाल निवासी माण्डना तथा श्रीमती लीलाबाई पत्नी काशीराम निवासी माण्डना इन सभी लाभार्थियों ने बताया कि वे वर्षों से अपने खेत और मकान वाली ज़मीन पर रह रहे थे, लेकिन दस्तावेजों की कमी के कारण कभी भी उनकी भूमि पर सवाल उठाया जा सकता था।

लाभार्थियों प्रतिक्रिया

शंकर भावुक होकर कहते हैं,"अब हम निश्चिंत हैं। सरकार ने हमें वो हक दिया है, जिसका सपना हमारे दादा-परदादा देखते आए।"

श्रीमती लीलाबाई, जिनके पति की मृत्यु के बाद ज़मीन का कानूनी हक उनके लिए एक संघर्ष बन गया था, अब राहत की सांस लेते हुए कहती हैं, "अब मैं अपने बेटे-बेटियों को गर्व से कह सकती हूं, ये ज़मीन अब हमारी है।"

अन्त्योदय का सच्चा स्वरूप

इस पुश्तैनी पट्टा वितरण से न केवल ज़मीन का कानूनी हक मिला, बल्कि ग्रामीणों को सरकार की अन्य योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि योजनाएं, बैंक ऋण आदि से भी जुड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

यह कार्य पंचायतीराज विभाग, उपखंड प्रशासन, तहसील कार्यालय और ग्राम पंचायत के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। सबसे महत्वपूर्ण यह कि शिविर स्थल पर ही पात्रता की जांच, अभिलेख सत्यापन और मौके पर पट्टा वितरण की त्वरित कार्यवाही हुई, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

सभी लाभार्थियों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार, उपखंड प्रशासन, पंचायत विभाग और विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी नेतृत्व में अन्त्योदय का सपना धरातल पर उतर रहा है

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