चंदेरिया में हिंदुस्तान जिंक के खाद कारखाने हेतु जनसुनवाई: 2700 करोड़ का निवेश, 5 हजार को मिलेगा रोजगार

Update: 2026-03-10 10:33 GMT

चित्तौड़गढ़। हिंदुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में स्थापित किए जाने वाले अत्याधुनिक खाद संयंत्र (फर्टिलाइजर प्लांट) को लेकर सोमवार को सगरा माता मेला परिसर में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की पुरजोर मांग रखी।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम: 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य

जिंक के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने बताया कि इस संयंत्र में 2700 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। दो चरणों में संचालित होने वाले इस प्लांट की क्षमता 10 लाख टन प्रतिवर्ष होगी। यहाँ डीएपी (DAP), एनपीके (NPK) और एपीएस (APS) खाद का उत्पादन होगा, जिससे राजस्थान फर्टिलाइजर के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा।

अत्याधुनिक तकनीक और शून्य प्रदूषण का दावा

संयंत्र में दुनिया की श्रेष्ठ HDH और PN+ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। रंजन ने आश्वस्त किया कि यह कारखाना पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगा और इसमें 'जीरो पॉल्यूशन' का लक्ष्य रखा गया है। सुरक्षा और पर्यावरण मानकों के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्थानीय युवाओं को 80% रोजगार की प्राथमिकता

जनसुनवाई में प्रशासन की ओर से एडीएम रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी और एसडीएम पुनीत कुमार गेलरा ने ग्रामीणों के विचार सुने। लोकेशन हेड ने घोषणा की कि:

प्लांट में 80 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा।

भर्ती में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।

सेना, पुलिस और अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं को उच्च स्तरीय कोचिंग दिलाई जाएगी।

कारखाने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5 हजार लोगों को आजीविका मिलेगी।

सामाजिक सरोकार: पशु बीमा और शुद्ध पेयजल

हिंदुस्तान जिंक ने सीएसआर के तहत क्षेत्र में विकास के कई वादे किए, जिनमें प्रमुख हैं:

कृषि व पशुपालन: पशु बीमा, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, ड्रिप इरिगेशन और मिट्टी को उपजाऊ बनाने हेतु रिसर्च इंस्टीट्यूट से टाइअप।

पेयजल: वाटर एटीएम, आरओ वाहन और गांवों में पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति।

शिक्षा व स्वास्थ्य: कौशल विकास केंद्र और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार।

जनसुनवाई में आजोलिया का खेड़ा सरपंच जगदीश जाट, पुठोली प्रशासक महिपाल सिंह, कंथारिया सरपंच कालूराम जाट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने मांग की कि जिंक के सीएसआर कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित किया जाए।

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