छोटीसादडी |नगर के अस्पताल को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय ने 5दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे । प्रशासन पर लगातार दबाव बना हुआ था एक ओर जहां जनता जागृत होकर मनीष उपाध्याय को अपना समर्थन दे रही थी वहीं प्रशासन बेबस हो चुका था सरकार के जनप्रतिनिधि राजनीति ओर दमन की नीति मै लगे हुए थे , वे अस्पताल के इस मुद्दे को मनीष उपाध्याय के अनशन को फैल करने मै लगे हुए थे परन्तु मनीष उपाध्याय को मिल रहे समर्थन पर सत्ता पक्ष के नेताओं कीजमीन सरकने लगी । ओर जिस मामले को लेकर वो हल्के मै ले रहे थे वो उनको भारी दिखाई देने लगी ।
उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाया कि कैसे भी करके ये अनशन खत्म करे प्रशासन के पास मनीष की मांग का कोई जवाब नहीं था प्रशासन ने मनीष की मांग को लीपापोती करने के लिए तहसील के ही दो डॉक्टर को हटा कर छोटीसादडी अस्पताल मै लगाने का आदेश लेकर अनशन खत्म करने की गुजारिश की, परन्तु मनीष उपाध्याय ने छोटीसादडी तहसील के डाक्टर को हटाने का विरोध करके यहां की जनता की मांग अनुसार एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ओर एक सर्जन डॉक्टर लगाने की मांग की जिस पर प्रशासनिक अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए । उपखंड अधिकारी ओर तहसील दार साहब ने लगातार प्रयास किया परन्तु मनीष अपनी मांग पर अड़ा रहा वही जनता का दबाव बढ़ने ओर आंदोलन उग्र के भय से सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारे पर कल प्रतापगढ़ dysp जाप्ता लेकर घटना स्थल पर पहुंचे जहां पर मेडिकल रिपोर्ट के आधार बना कर अनशन खत्म करने की अपील की परन्तु मनीष स्वयं को स्वस्थ और उच्च अधिकारियों। द्वारा ठोस आधार लिख कर दे। तो अनशन खत्म करने की बात रखी । जिस पर dysp ने मनीष उपाध्याय का मेडिकल करवाने के लिए हॉस्पिटल चलने की कहा जहा। पूर्व नियोजित तरीके से 108मै जबरन बिठा दिया जिस पर धरना स्थल पर भारी आक्रोश फैल गया धोखे से बिठा कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया । जिससे पूरे नगर मै भारी आक्रोश फैल गया । जहां सर्व समाज ओर काग्रेस पार्टी द्वारा पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर छोटीसादडी नगर स्वैच्छिक बंद रखने की अपील की , वही सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस बंद को असफल करने के लिए व्यापारियों को बाजार खुला रखने की अपील की टकराव की स्थित मै पुलिस विभाग ने जाप्ता तैनात कर दिया । मामले की जानकारी स्थानीय जनता को। भी मिली सुबह से नगर के नागरिकों ने स्वेच्छा से दुकानें ओर प्रतिष्ठान बंद रखे । ओर मनीष उपाध्याय का पूरा समर्थन दिया । बंद के बाद गांधी चौराया से महात्मा गांधी को सूत की मालाएं पहना कर नगर के भारी संख्या मै संस्थान ओर जनता ने विरोध रैली निकाल कर उपखंड अधिकारी यतीन्द्र पोरवाल को ज्ञापन दिया ज्ञापन मै मनीष उपाध्याय की मांगों को पूरा करने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा जिसमें मनीष उपाध्याय के अनशन को लेकर उसके मौलिक अधिकार का हनन करने ओर राजनीतिक दबाव मै जनता की आवाज दबाने का कार्य पुलिस विभाग द्वारा किया गया । ओर मनीष को न्याय मिलने की बात रखी गई । साथ ही ज्ञापन देने के लिए तहसील के भारी संख्या मै व्यक्ति जमा हुए । ज्ञापन पूर्व प्रधान मनोहर लाल आंजना , नगर पालिका अध्यक्ष फातेमा मुस्तफा बोहरा उपाध्यक्ष सीमा उपाध्याय , नगर अध्यक्ष अमृत लाल बडी, ब्लाक अध्यक्ष मुकेश जाट,मार्तंड राव मराठा,गोविन्द कुमावत,राधेश्याम पाटीदार,नरेंद्र राव मराठा,भरत कुमार खटीक,हरीश कुमार टेलर,अजय कुमार यादव, जगदीश प्रसाद मीणा,मुस्तफा बोहरा,प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा कालीचरण,रुस्तम खा पठान, गोपाल शर्मा, यशवंत जाट,निर्मल पारीक,अशोक गुर्जर,वीरेंद्र आदित्य,देव उपाध्याय,फ़िरदोष खान,ओमप्रकाश औदीचय, गोपाल जनवा, भरत वैष्णव,अजय शर्मा,पंकज पुरबिया,चट्टान साहू,प्रेम तेली,योगेंद्र औदीचय ,उदय लाल मीणा, सुरेशजटिया, विजय गंधर्व,एडवोकेट संजय खिमेसरा,आशीष शर्मा, अरविंद ओड़िचय,हेमंत डूंगरवाल,राधेश्याम गायरी दीपक व्यास,सरपंच बंशीलाल मीणा, रमेश मीणा सिया खेड़ी, गणपत मीणा,राधेश्याम मीणा,अर्जुन मीणा,बबलू नागोरी,शेखर आचार्य, पंकज सोनी,हरीश सोनी,मदन सवारियां,मुन्ना खान,जतिन सोनी,राजू शर्मा सेवादल, लकी जायसवाल संतोष उपाध्याय राजू तेली,अशोक देवड़ा, लालाराम इंदौरा,संजय जटिया, पुखराज मोहिल,राजेंद्र यादव,अभिषेक शर्मा,मथुरा लाल इंदौरा,रवि राव सावंत, देवीलाल मेघवाल,देवी लाल खटीक,प्रवीण मीणा आदि बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी,धार्मिक संगठन एवं नगर एवं ब्लॉक की आम जनता ने नगर बंद एवं ज्ञापन में भाग लिया।