राजस्थान की धरा पर जीनगर बीरबल सिंह जी ढालिया एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे,जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था।जीनगर बीरबल सिंह ढालिया का जन्म 20 अक्टूबर सन् 1918 को बीकानेर रियासत के रायसिंहनगर में हुआ था। उनके परिवार ने उन्हें देशभक्ति और स्वतंत्रता के मूल्यों के साथ पाला था। उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त की और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
जीनगर बीरबल सिंह ढालिया ने भारत की आजादी के लिए सक्रिय रूप से काम किया और कई आंदोलनों में भाग लिया। उन्होंने तिरंगा लहराने और स्वतंत्रता के संदेश को फैलाने के लिए काम किया। 1 जुलाई 1946 को राजस्थान के रायसिंहनगर में सामंतियों की गोलीबारी में जीनगर बीरबल सिंह ढालिया शहीद हो गए। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता आंदोलन को और मजबूत बनाने में मदद की। जीनगर बीरबल सिंह जी ढालिया की शहादत और उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है। उनके नाम पर कई संस्थान और स्मारक बनाए गए हैं जो उनकी विरासत को संरक्षित करते हैं।जीनगर बीरबल सिंह जी ढालिया का जीवन और उनकी शहादत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। शहीद बीरबल सिंह ढालिया के बलिदान दिवस पर 01,जुलाई को प्रति वर्ष पुष्पांजलि का आयोजन किया जाता हैं।