चित्तौड़गढ़। दुनिया में कोरोना जैसी महामारी हो, बाजार में मंदी या ट्रंप टैरिफ जैसी आर्थिक उथल-पुथल, लेकिन मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ के भंडार पर इनका कोई असर दिखाई नहीं देता। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार मंदिर के भंडार में नकदी, सोना और चांदी मिलाकर कुल चढ़ावा 300 करोड़ रुपए से अधिक रहा है। मंदिर से जुड़े जानकारों के अनुसार यह चढ़ावा बाजार की स्थिति से नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास से जुड़ा है। व्यापारियों का मानना है कि भगवान को बिजनेस का पार्टनर मानने से वे निडर होकर कार्य करते हैं। ईमानदारी और विदेशों में बसे श्रद्धालुओं का भरोसा भी रिकॉर्ड चढ़ावे का बड़ा कारण माना जा रहा है।