फर्जी पट्टे के मामले में सरपंच गिरफ्तार

Update: 2025-03-31 18:35 GMT
फर्जी पट्टे के मामले में सरपंच गिरफ्तार
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चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी पट्टे जारी करने के मामले में पुलिस ने मंगलवाड़ के सरपंच को गिरफ्तार किया है। सरपंच को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। मंगलवाड़ थाना पुलिस अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में पूछताछ में जुटी हुई है।


पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि 3 फरवरी 2023 को डूंगला के ग्राम विकास अधिकारी कुलदीप सिंह मीणा ने मंगलवाड़ थाने पर एक रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि राजस्थान सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग जयपुर से प्राप्त पत्र की पालना में पंचायत समिति डूंगला के जांच अधिकारियों द्वारा पट्टों के रिकॉर्ड की जांच की गई।

उप तहसील कार्यालय मंगलवाड़ से जुलाई 2022 से नवंबर 2022 तक पट्टों के पंजीयन की सूची ली गई। इसका ग्राम पंचायत मंगलवाड़ के रिकॉर्ड से मिलान किया गया। इसमें पाया गया कि शंकरलाल पुत्र भंवरलाल खटीक, मनीष पुत्र छगनलाल सिसोदिया, दिलीप पुत्र सत्यनारायण अग्रवाल, मांगीलाल पुत्र उकार अहीर, नारायण पुत्र भैरा अहीर, सीताबाई पत्नी हरिराम मीणा एवं चंदा पत्नी ललित भावसार के पट्टे किसी अन्य पट्टा बुक से जारी कर ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थेइनके पंजीयन पर भी असली हस्ताक्षर नहीं थे। पंचायत समिति डूंगला से सरकारी रूप से जारी पट्टा बुक से इन पट्टों को जारी नहीं किया गया था। उक्त पट्टों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे, जो ग्राम विकास अधिकारी के नहीं थे। ग्राम विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना अधिकारी मंगलवाड़ भगवानलाल के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता की विशेष टीम गठित की गई, टीम ने फर्जी पट्टे जारी करने की जांच की। मामले में मंगलवाड़ के सरपंच ब्रह्मपुरी मंगलवाड़ निवासी धनराज पुत्र हरिराम मीणा को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश कर दो दिन का पीसी रिमांड प्राप्त किया गया।

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