रबी फसलों का रकबा बढ़ाकर आय में करें वृद्धि, उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लें किसान

Update: 2025-09-09 14:04 GMT



राजसमन्द। उप निदेशक उद्यान श्री कल्प वर्मा ने कृषकों से अपील करते हुए कहा कि आगामी माह सितम्बर मध्य से रबी फसलों की बुवाई का कार्य प्रारंभ हो जाता है। रबी की फसलें ऐसी होती हैं जिन्हें बुवाई के समय कम तापमान तथा पकने के समय गर्म और शुष्क वातावरण की आवश्यकता होती है।

साथ ही इन्हें सुनिश्चित सिंचाई सुविधा के साथ बोया जाता है। अतः किसान भाई अपने खेतों में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित कर रबी फसलों का रकबा बढ़ाकर अधिक उत्पादन और आय प्राप्त कर सकते हैं।

श्री वर्मा ने बताया कि जिन किसानों के खेतों पर सिंचाई के स्रोत जैसे कुआँ, ट्यूबवेल, खेत तलाई आदि स्वयं के स्वामित्व में उपलब्ध हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण वे डीजल पम्प, पारम्परिक रहट या पड़ोसी पर निर्भर हैं, ऐसे किसान सोलर सिंचाई पम्प 60 प्रतिशत अनुदान पर लगाकर सिंचाई में आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, जिन किसानों के पास सिंचाई स्रोत तो है परंतु आज भी वे धोरे से सिंचाई करते हैं, जिससे पानी का अपव्यय होता है और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वे सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र जैसे बूंद-बूंद सिंचाई/फव्वारा सिंचाई 70-75 प्रतिशत अनुदान पर लगाकर जल की बचत और गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

श्री वर्मा ने यह भी बताया कि पारम्परिक रबी फसलों की तुलना में किसान अपने खेतों में फलदार पौधों के बगीचे 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर लगाकर प्रति इकाई क्षेत्रफल अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने किसान भाईयों से अपील की कि वे उद्यान विभाग द्वारा संचालित इन योजनाओं का लाभ पात्रता अनुसार अविलंब अपने नजदीकी ई-मित्र से ऑनलाइन आवेदन कर प्राप्त करें तथा अपने खेत से अधिक आय अर्जित करें।

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