
उदयपुर, । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली व कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा विद्या भवन कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, उदयपुर में आर्या परियोजना अंतर्गत आयोजित व्यावसायिक बकरी पालन पर प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ। इस कार्यक्रम में उदयपुर जिले के 16 युवक.युवतियों ने भाग लिया।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ.एस.एल. मेहता ने बकरी पालन व्यवसाय का महत्व बताया और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किये। संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं संस्था प्रमुख, डॉ. प्रफुल्ल चन्द्र भटट्नागर ने आर्या परियोजना की विस्तृत जानकारी के साथ बकरी पालन व्यवसाय को एटीएम बताया। जिसे व्यवसाय के रूप में स्वरोजगार अपना कर आय में वृद्धि कर सकते हैं साथ ही उन्होंने बकरी की उन्नत नस्लों, चार प्रबंधन टीकाकरण आदि की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न सत्रों में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा पशुपालन विभाग के विषय विशेषज्ञों ने ग्याभिन बकरियों की देखभाल, आवास व्यवस्था, आहार प्रबंधन, एवं रोगों व बीमारियों, खूर काटना, डिवर्मिंग आदि की जानकारी दी और पशुओं में बंध्यता निवारण व विपणन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के बारें में बताया। प्रशिक्षण में युवाओं को प्रायोगिक जानकारी देते हुए बकरियों में प्रयोग होने वाली दवाइयां और कृषि विज्ञान केन्द्र की बकरी पालन इकाई का भ्रमण करवाया। आर्य परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक जैन ने युवाओं को बकरी पालन को एक बेहतर व्यवसाय के रूप में अपनाने की सलाह दी। डॉ. जीवन ने बकरे व बकरियों का चयन करते समय ध्यान रखने योग्य बिन्दुओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में केन्द्र के सभी विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।