महिलाएं एवं बच्चों से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता निस्तारित करें- गर्ग

By :  vijay
Update: 2025-03-30 10:15 GMT
महिलाएं एवं बच्चों से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता निस्तारित करें- गर्ग
  • whatsapp icon

 

उदयपुर, । माननीय न्यायाधिपति, अध्यक्ष, किशोर न्याय समिति राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर   मनोज कुमार गर्ग ने रविवार को उदयपुर के चित्रकूट नगर स्थित नारी निकेतन, किशोर न्याय बोर्ड कार्यालय में संचालित राजकीय सम्प्रेषण गृह व बाल गृह का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां बच्चों एवं महिलाओं से संवाद किया और वहां के प्रभारियों से इन गृहों में बच्चों को दी जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और पोक्सों एक्ट व जेजे एक्ट के प्रावधानों के साथ तय अधिनियमों की पालना सुनिश्चित करते हुए इन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम सभी निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों एवं पीडित महिलाओं व बालिकाओं के उचित संरक्षण एवं उन्हें न्याय दिलाने के लिए कार्य कर रहे है, ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि इनसे जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित करें। इस दौरान न्यायाधीश महोदय ने बाल कल्याण समिति के कार्यालय का भी निरीक्षण किया।

तत्पश्चात उन्होंने राजकीय किशोर गृह के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने कहा कि उदयपुर जिला प्रशासन एवं सभी संबंधित विभाग बाल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय भूमिका निभा रहे है।

बैठक में न्यायाधिपति ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे अधिकारियों व प्रतिनिधियों को विभिन्न एक्ट एवं प्रावधानों की पालना के साथ संवेदनशीलता रखते हुए कार्य करने को कहा। उन्होंने बच्चों से जुड़े लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों को गंभीरता से ले और शीघ्र निस्तारण करते हुए राहत प्रदान करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा ने जिले के बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की ओर से विभिन्न जागरूकता शिविर, लोक अदालत एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार एवं उनसे जुड़े अधिनियमों की जानकारी दी जा रही है। अतिरिक्त जिला कलक्टर दीपेन्द्र सिंह राठौड ने माननीय न्यायाधिपति का स्वागत करते हुए जिले में बाल ंसंरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी हितेश मेहता ने बालकों से जुड़े प्रकरणों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए जिले में बाल कल्याण अधिकारी, सुरक्षा सखी, पट्रोलिंग टीम द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण के लिए उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा यूनिसेफ के सहयोग किये गये नवाचारों को फिक्की द्वारा सम्मानित किया गया है एवं उदयपुर पुलिस को हेलो मम्मी नवाचार के लिए ग्लोगल स्कॉच अवार्ड भी मिला है। जोधपुर हाईकोर्ट में किशोर न्याय समिति के वरिष्ठ सलाहकार राकेश कुमार चौधरी ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य धु्रव कुमार कविया व राजीव मेघवाल ने भी अपने सुझाव दिए।

यूनिसेफ की सराहना

बैठक में न्यायाधीपति गर्ग ने उदयपुर रेंज पर यूनिसेफ द्वारा की जा रही गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि बाल संरक्षण पर कार्य करने के साथ ही इस क्षेत्र में कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं अन्य प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करने में यूनिसेफ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इसे जारी रखते हुए बाल संरक्षण को गति प्रदान करने की बात कही। यूनिसेफ की राज्य स्तरीय सलाहकार हेमाली लेउवा ने बाल संरक्षण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। यूनिसेफ की संभागीय सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने उदयपुर रेंज स्तर पर बाल संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती यशोंदा पणिया ने गृहों में सुरक्षा व्यवस्था, मानदेय आदि की आवश्यकता बारे में अवगत कराया, इस पर न्यायाधिपति ने उचित आश्वासन दिया। बैठक में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के. चन्द्रवंशी ने जिले में बाल संरक्षण की स्थिति के बारे में अवगत कराया। संचालन राजस्थान उच्च न्यायालय बाल सचिवालय की कृष्णा वैष्णव ने किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर, किशोर न्याय बोर्ड मजिस्ट्रेट डिंपल जिंदेल, राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह अधीक्षक पंकज पचार, बालिका गृह अधीक्षक दिशा भार्गव, यूनिसेफ के बाल संरक्षण सलाहकार आशुतोष श्रीवास्तव अजीत जोशी बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, सामाजिक कार्यकर्ता और बाल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

Tags:    

Similar News