रणधीरोत कोठारी परिवार का प्रथम अखिल भारतीय सम्मेलन संपन्न: देश भर से जुटे प्रतिनिधि
उदयपुर । सूरजपोल स्थित दादावाड़ी में रणधीरोत कोठारी परिवार का प्रथम अखिल भारतीय सम्मेलन अत्यंत उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक समागम में देश के विभिन्न प्रांतों से लगभग 160 प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन के सचिव विजय कोठारी ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक एकता और जड़ों से जुड़ाव रहा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। अध्यक्ष प्रो. अनिल कोठारी ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके पश्चात आयोजित परिचय सत्र में विभिन्न राज्यों से आए सदस्यों ने एक-दूसरे से संवाद किया।
इतिहास संकलन पर जोर
सलाहकार सज्जन सिंह कोठारी के अनुसार, मुंबई से पधारे यति महाराज श्री चंद्रसेन जी ने रणधीरोत कोठारी परिवार के गौरवशाली इतिहास को संकलित कर पुस्तक रूप में प्रकाशित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी अपने पूर्वजों के योगदान और इतिहास से परिचित हो सकेगी।
अगला पड़ाव: नाकोड़ा या पावापुरी
मुख्य संयोजक (विजयनगर) सुनील कोठारी ने आगामी अखिल भारतीय सम्मेलन को धार्मिक तीर्थ स्थल नाकोड़ा अथवा पावापुरी में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। सम्मेलन में मध्यप्रदेश से नेमीचंद कोठारी, मालेगांव से पन्नालाल, अहमदाबाद से सुरेन्द्र और जयपुर से अरिहंत कोठारी ने भी समाज की एकता को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
कार्यक्रम की सफलता में अशोक कोठारी, सतीश कोठारी, लोकेन्द्र कोठारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष श्रम रहा। अंत में गुरुदेव श्री चंद्रसेन जी द्वारा प्रदत्त मांगलिक पाठ के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
