व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लौटेगी, होटल-रेस्टोरेंट को मिलेगी राहत
उदयपुर, । जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट मिनी सभागार में अधिकारियों, गैस वितरकों तथा हितधारकों की बैठक हुई। बैठक में राज्य सरकार के निर्देशानुसार अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की मासिक औसत खपत के 20 प्रतिशत के आधार पर गैस आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला रसद अधिकारी प्रथम सृष्टि डबास, जिला रसद अधिकारी द्वितीय मनीष भटनागर, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के विक्रय अधिकारी, अडानी गैस के प्रतिनिधि, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, यूनाइटेड होटल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा उदयपुर होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला समन्वयक एलपीजी श्लोक गुप्ता ने बताया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 811 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की खपत होती है, जिनमें अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, मंदिर, होटल-रेस्टोरेंट, कॉर्पारेट कैंटीन व बेकरी आदि शामिल हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 20 प्रतिशत आपूर्ति के तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता देते हुए प्रतिदिन 86 सिलेंडर (51 अस्पताल व 35 शिक्षण संस्थानों को) उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि मंदिरों के लिए 4 सिलेंडर तथा होटल-रेस्टोरेंट के लिए लगभग 70 सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बैठक में छोटे होटल, ढाबों व रेहड़ी-ठेलों को भी गैस की आवश्यकता होने का मुद्दा उठाया, जिस पर जिला कलक्टर ने आश्वस्त किया कि भविष्य में उनकी जरूरतों पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में जिला कलक्टर ने अडानी गैस के सहायक प्रबंधक दिलीप अग्रवाल को निर्देश दिए कि जिन घरों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन स्थापित हो चुके हैं उनकी सूची ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि टर्मिनेशन वाउचर जारी कर गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा सके। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों तथा होटल-रेस्टोरेंट को निर्धारित अनुपात में प्रतिदिन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।