शाहपुरा में एक्शन मोड में प्रशासन: सड़क सुरक्षा पर बड़ा फैसला, 3 दिन में धरातल पर दिखेगा बदलाव

By :  vijay
Update: 2026-03-24 13:06 GMT

शाहपुरा।मूलचन्द पेसवानी अब शाहपुरा की सड़कों पर लापरवाही नहीं, सुरक्षा का राज चलेगा! लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शाहपुरा में मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद एक बैठक संपन्न हुई जिसमें इस आशय का निर्णय लिया गया।

शाहपुरा के अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाशचंद्र की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में शहर की सड़कों का चेहरा बदलना तय माना जा रहा है।

बैठक में उपखण्ड अधिकारी सुनील मीणा, उप पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश विश्नोई, तहसीलदार भीवंराज परिहार, आरएसआरडीसी व पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता शहजाद खां सहित जिला परिवहन अधिकारी अनिल कुमार और अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सड़क सुरक्षा को लेकर मंथन किया और जमीनी स्तर पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए।

बैठक का सबसे अहम निर्णय यह रहा कि शाहपुरा भीलवाड़ा मुख्य मार्ग सहित शहर की अन्य सड़कों पर आगामी 3 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां तुरंत सुधार कार्य किए जाएंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब देरी नहीं, सीधे कार्रवाई होगी।

एडीएम प्रकाशचंद्र ने बताया कि आज की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संयुक्त रूप से सड़कों का निरीक्षण करें और जहां भी कमी नजर आए, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। खासतौर पर उन स्थानों पर फोकस रहेगा, जहां बार-बार हादसे हो रहे हैं।

एडीएम ने बताया कि प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के लिए कई अहम बिंदु तय किए हैं

जर्जर सड़कों की तुरंत मरम्मत

खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड

स्पीड ब्रेकर और रोड मार्किंग की व्यवस्था

अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ी करना

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाना

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विभाग की लापरवाही अब सहन नहीं की जाएगी। सभी विभागों को मिलकर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

आज के हादसे के बाद कुल मिलाकर, प्रशासन के इस सख्त रुख से शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि अब सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी और हादसों में कमी आएगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये फैसले जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं।

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