एसआईआर प्रक्रिया के तहत भाजपा नेताओं पर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम हटाने का दबाव बनाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) एसआईआर प्रक्रिया के तहत कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम हटाने, विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 1 से 296 तक करीब 7,000 मतदाताओं के नाम काटने और जोड़ने के लिए पहले से प्रिंटेड फार्म बल्क में जमा कराने, आवेदक अधूरे, गलत हस्ताक्षरों वाले और फर्जी आपत्तियों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं, जिनकी गंभीरता से जांच मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस ने उपखंड कार्यालय पर धरना प्रर्दशन करते हुए पूर्व प्रधान सीता देवी गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी को विज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि विधानसभा क्षेत्र 182 में मतदाता सूची शुद्धिकरण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान नियमों के खुले उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि एक राजनीतिक दल द्वारा बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने एवं जोड़ने के लिए बल्क (बंडल) में आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जो निर्वाचन नियमों के स्पष्ट खिलाफ हैं।
शिकायत के अनुसार, निर्वाचन आयोग के इलेक्टोरल मैनुअल 2023 के पैरा 11.3.2 (2) में स्पष्ट प्रावधान है कि बल्क आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते। नियमानुसार व्यक्तिगत मतदाता केवल एक फार्म दे सकता है, जबकि राजनीतिक दल का अधिकृत बीएलए-2 ड्राफ्ट रोल तैयार होने की प्रक्रिया के दौरान एक दिन में अधिकतम 50 फार्म ही प्रस्तुत कर सकता है। वहीं, ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद आपत्तियों के लिए एक दिन में अधिकतम 10 आवेदन ही दिए जा सकते हैं।
इसके बावजूद आरोप है कि जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 1 से 296 तक करीब 7,000 मतदाताओं के नाम काटने और जोड़ने के लिए पहले से प्रिंटेड फार्म बल्क में जमा कराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये आवेदन अधूरे, गलत हस्ताक्षरों वाले और फर्जी आपत्तियों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं, जिनकी गंभीरता से जांच आवश्यक है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन बूथों पर वर्षों से कांग्रेस विचारधारा के मतदाता निवास करते हैं और जहां उनकी भूमि व स्थायी निवास दर्ज है, वहां हजारों की संख्या में नाम हटाने के लिए फर्जी आपत्तियां लगाई जा रही हैं। आरोप है कि इसके लिए विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत कई सरकारी बीएलओ पर अनैतिक और नियम विरुद्ध दबाव बनाया जा रहा है।
प्रशासन से मांग की गई है कि लोकतंत्र और संविधान में प्रदत्त मताधिकार की रक्षा करते हुए किसी भी मतदाता का नाम नियम विरुद्ध मतदाता सूची से न हटाया जाए। साथ ही, फर्जीवाड़ा कर बल्क में गलत आवेदन देने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में प्रशासनिक प्रक्रिया का मजाक न बने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो सके। यदि इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
