हाईकोर्ट से राहत के बाद ममता जाट की वापसी, 7 माह बाद फिर संभाला पंडेर ग्राम पंचायत का प्रशासकीय पद
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। करीब सात माह तक निलंबन झेलने के बाद ममता जाट ने एक बार फिर पंडेर ग्राम पंचायत के प्रशासक पद का कार्यभार संभाल लिया है। यह कार्रवाई राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेशों के पालन में की गई है।
ममता जाट को 7 मई 2025 को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित किया गया था। निलंबन के दौरान पूर्व उपसरपंच शंकर लाल गुर्जर को ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया था। निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए ममता जाट ने राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने निलंबन को प्रथम दृष्टया गलत मानते हुए 4 जुलाई 2025 को निलंबन आदेश पर स्थगन लगा दिया। इसके बावजूद प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण पदभार बहाली में समय लगा।
लगभग सात माह बाद पंचायती राज शासन सचिवालय ने उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में निलंबन आदेश को औपचारिक रूप से वापस लिया। इसके बाद मंगलवार, 3 फरवरी को ममता जाट को पुनः प्रशासक पद का कार्यभार सौंप दिया गया।
ममता जाट की वापसी को ग्राम पंचायत स्तर पर एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
