खजूरी की 108 हेक्टेयर गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Update: 2026-02-12 09:42 GMT

खजूरी (अक्षय पारीक)। खजूरी उपतहसील मुख्यालय स्थित खजूरी पंचायत की 108 हेक्टेयर गोचर भूमि पर वन विभाग एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा कथित अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी गोचर भूमि पर कब्जा होने से मवेशियों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।

अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर पंचायत एवं ग्रामीणों ने पूर्व में उपखंड अधिकारी जहाजपुर, जिला वन अधिकारी, जिला परिषद सीईओ, तहसीलदार और वनपाल सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर जहाजपुर उपखंड अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन देकर 108 हेक्टेयर गोचर भूमि से वन विभाग एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जिला कलेक्टर से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि खजूरी गांव में 108 हेक्टेयर गोचर भूमि दर्ज है, लेकिन वर्तमान स्थिति में एक हेक्टेयर भी अतिक्रमण मुक्त नहीं है। इससे मवेशियों को चरने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है और वे अन्य खेतों में घुस जाते हैं, जहां चोटिल होने की घटनाएं भी होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि गोचर भूमि से अतिक्रमण तुरंत हटाया जाए, लेकिन जब सरकारी विभाग ही कब्जा किए बैठे हैं तो आम लोगों से क्या अपेक्षा की जा सकती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मनरेगा के तहत कई कार्य स्वीकृत हैं, लेकिन भूमि पर अतिक्रमण होने से कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं और मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

ज्ञापन देने के दौरान सरपंच कालू भाई बलाई, संजय पारीक, सौरभ पारीक, भोजू बलाई, भागचंद धोबी, बर्दीचंद तेली, रामपाल मीणा, शिवराज मीणा, चंद्रप्रकाश पारीक, लोकेश तेली, पंकज राव, मुकेश बलाई, गोविंद प्रजापत, नरेंद्र पारीक, मुकेश प्रजापत, प्रशांत पारीक सहित गौशाला सदस्य उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विधायक से भी अनुरोध किया कि वे अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।

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