मासूमियत पर क्रूरता का साया, कुएं में मिला नवजात का शव, इंसानियत शर्मसार
भीलवाड़ा BHN. जिले के बीगोद थाना क्षेत्र के धाबाई का झोंपड़ा गांव में सामने आई घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। एक मासूम नवजात, जिसने अभी इस दुनिया में आंख भी ठीक से नहीं खोली थी, उसे बेरहमी से मौत के हवाले कर दिया गया। खेत में बने एक कुएं से उठती बदबू ने इस दर्दनाक सच का खुलासा किया।
शनिवार को गांव के लोगों को रामचंद्र बलाई के खेत स्थित कुएं से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब ग्रामीणों ने कुएं के अंदर झांककर देखा तो पानी की सतह पर एक नवजात शिशु का शव तैरता दिखाई दिया। यह दृश्य इतना मर्मांतक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। कुछ ही पलों में पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
सूचना मिलते ही बीगोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एएसआई सत्यनारायण और सचिन कुमार ने ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नवजात बालक था। पुलिस को आशंका है कि किसी ने समाज के डर या पैदाइश छिपाने की नीयत से जन्म के तुरंत बाद मासूम को कुएं में फेंक दिया।
एक ओर जहां देश बेटियों और बेटों को समान अधिकार देने की बात करता है, वहीं ऐसी घटनाएं समाज के संवेदनहीन चेहरे को उजागर करती हैं। सवाल उठता है कि आखिर वह कौन सी मजबूरी या सोच थी जिसने एक निर्दोष जीवन को यूं समाप्त कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद नवजात के शव को दफना दिया गया। सरपंच की रिपोर्ट पर अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच कर रही है।
यह घटना न केवल कानून के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी आत्ममंथन का विषय है। जरूरत है जागरूकता, संवेदनशीलता और ऐसी परिस्थितियों में सहयोगी व्यवस्था की, ताकि कोई भी मां भय या दबाव में आकर ऐसा अमानवीय कदम न उठाए।
