भीलवाड़ा BHN। राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों को साफ चेतावनी दे दी है—अब वर्दी में “नॉन-पुलिस इश्यू” पर वीडियो, रील या स्टोरी बनाकर सोशल मीडिया पर डालना भारी पड़ेगा। ऐसा करने वालों पर सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) विजय कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कई बार निर्देश देने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मी वर्दी में निजी या गैर-सरकारी गतिविधियों से जुड़े कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
क्या कहा गया है आदेश में?
वर्दी में केवल पुलिस ड्यूटी या आधिकारिक कार्य से जुड़े वीडियो ही स्वीकार्य होंगे।
गैर-सरकारी गतिविधियों, निजी प्रचार या मनोरंजन से जुड़े कंटेंट पर पूर्ण रोक।
नियंत्रक अधिकारी ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पूर्व में 20.08.2019, 19.05.2023 और 14.05.2024 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
क्यों सख्ती?
मुख्यालय का मानना है कि गैर-पुलिस गतिविधियों में वर्दी का उपयोग बल की गरिमा, निष्पक्षता और पेशेवर छवि को प्रभावित करता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो विभाग की साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
संदेश साफ है
अब वर्दी में “फन रील” या “पर्सनल प्रमोशन” का दौर खत्म।
अगर कोई पुलिसकर्मी नियम तोड़ता है तो उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
