सावधान! गले में काजू फंसने से मासूम की मौत: माता-पिता के लिए बड़ा हेल्थ अलर्ट, बच्चों को खिलाते समय बरतें ये सावधानियां
चेन्नई । हाल ही में चेन्नई से आई एक हृदयविदारक खबर ने देशभर के माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ गले में काजू फंसने (चोकिंग) के कारण एक छोटी बच्ची की जान चली गई। यह दुखद घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि छोटे बच्चों की सुरक्षा और खान-पान को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों के गले में किसी ठोस वस्तु का फंसना चंद मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है।
क्यों खतरनाक है छोटे बच्चों के लिए 'चोकिंग'?
चिकित्सकों का कहना है कि 3-4 साल से कम उम्र के बच्चों की श्वास नली अत्यंत संकरी होती है। इस उम्र में बच्चे भोजन को पूरी तरह चबाना नहीं जानते और अक्सर उसे सीधा निगलने की कोशिश करते हैं। यदि कोई सख्त या गोल वस्तु श्वास नली में फंस जाए, तो फेफड़ों तक ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चा कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है और समय पर उपचार न मिलने पर मृत्यु भी हो सकती है।
इन चीजों से रहता है सबसे ज्यादा खतरा:
विशेषज्ञों ने छोटे बच्चों को निम्नलिखित चीजें देते समय विशेष सावधानी बरतने या उनसे बचने की सलाह दी है:
साबुत मेवे: काजू, बादाम, मूंगफली या अखरोट के बड़े टुकड़े।
गोल फल: अंगूर, चेरी या बेर जैसी गोल चीजें।
सख्त कैंडी: टॉफी, लेमनचूस या हार्ड कैंडीज।
अन्य: पॉपकॉर्न और छोटे खिलौनों के बारीक पार्ट्स।
आपात स्थिति में क्या करें?
यदि बच्चा अचानक खांसने लगे, उसका चेहरा नीला पड़ने लगे, सांस लेने में घरघराहट हो या आवाज न निकले, तो यह 'चोकिंग' के लक्षण हैं। ऐसे में:
बैक ब्लो: बच्चे को आगे की ओर झुकाकर उसकी पीठ के बीच में हल्के हाथ से थपथपाएं ताकि फंसी हुई वस्तु बाहर निकल सके।
तुरंत अस्पताल ले जाएं: बिना समय गंवाए नजदीकी डॉक्टर या इमरजेंसी वार्ड में पहुंचें।
घबराएं नहीं: शांत रहकर प्राथमिक उपचार (First Aid) देने का प्रयास करें।
बचाव के मुख्य उपाय:
बच्चों को हमेशा एक जगह बैठाकर ही खाना खिलाएं।
खाद्य पदार्थों को हमेशा छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर दें।
खाते समय बच्चों को दौड़ने, खेलने या बात करने से रोकें।
भोजन के दौरान हमेशा अपनी निगरानी रखें।
