ईरान-इजराइल जंग: साइप्रस में ब्रिटिश एयरबेस पर ड्रोन हमला, खाड़ी में कोहराम
तेल अवीव/तेहरान। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग के तीसरे दिन संघर्ष की लपटें अब साइप्रस तक जा पहुँची हैं। ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के अक्रोटिरी बेस को निशाना बनाते हुए आत्मघाती ड्रोन हमला किया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रविवार देर रात हुए इस हमले में बेस को मामूली नुकसान पहुँचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
ब्रिटिश पीएम की मंजूरी के बाद भड़का ईरान
बताया जा रहा है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले के लिए अमेरिका को इस बेस के इस्तेमाल की इजाजत दी थी, जिससे तिलमिलाए ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई की है। अब ब्रिटिश सेना भी इस हमले के खिलाफ मोर्चेबंदी में जुट गई है।
4 देशों में 6 अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार, कुवैत में फाइटर जेट क्रैश
ईरान ने सोमवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए मिडिल-ईस्ट के चार देशों में स्थित छह अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट हवा में अनियंत्रित होकर गोल-गोल घूमने के बाद जमीन से टकराकर क्रैश हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
मौत का तांडव: 555 की मौत, स्कूल पर गिरी मिसाइल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों को नेस्तनाबूद किया है। युद्ध के शुरुआती 30 घंटों में 2000 से ज्यादा बम बरसाए गए। इस भीषण बमबारी में अब तक 555 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 700 से अधिक घायल हैं। हृदयविदारक घटना में एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत हो गई।
लारीजानी का दोटूक जवाब: "अमेरिका से कोई बातचीत नहीं"
ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान ने वार्ता की पहल की है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को शुरू हुई इस जंग के पहले ही दिन बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से क्षेत्र में हालात बेकाबू हो गए हैं।
