अदालत का फैसला-: नीमच के दो अफीम तस्करों को 10-10 साल का कठोर कारावास, 50-50 हजार का जुर्माना

Update: 2026-02-25 11:45 GMT

 भीलवाड़ा (बीएचएन)। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (गुलाबपुरा) विनोद कुमार वाजा ने अफीम तस्करी के दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।

नीमच के तस्करों पर गिरी गाज

न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी दीपक नागदा पुत्र मदनलाल नागदा और विष्णु नागदा पुत्र भरत नागदा, निवासी रेवली देवली जिला नीमच, मध्यप्रदेश को धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी माना। दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त, आरोपी विष्णु नागदा को धारा 8/25 एनडीपीएस एक्ट के तहत भी पृथक से 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

2016 में 29 मील चौराहे पर पकड़ी गई थी अफीम

प्रकरण के अनुसार, 2 अक्टूबर 2016 को गुलाबपुरा पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-79 पर स्थित 29 मील चौराहे पर नाकाबंदी की थी। इस दौरान भीलवाड़ा से अजमेर की ओर जा रही एक कार को रुकवाकर तलाशी ली गई। कार की सीट के पीछे छिपाई गई एक थैली मिली, जिसमें 2 किलो 700 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके से कार सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया था।

11 गवाहों और 41 दस्तावेज पेश कर साबित किया अपराध

अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रेखा चौहान ने प्रभावी पैरवी की। मामले को साबित करने के लिए अभियोजन ने 11 गवाहों के बयान लेखबद्ध करवाए और 41 दस्तावेजी साक्ष्य व 10 आर्टिकल प्रदर्शित किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों तस्करों को दोषी करार देते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।

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