डोडा-चूरा तस्करी मामले में फैसला:: दो तस्करों को 4-4 साल की जेल, 40-40 हजार का जुर्माना
भीलवाड़ा (बीएचएन)। अफीम डोडा-चूरा तस्करी के छह साल पुराने एक मामले में बुधवार को विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस प्रकरण) जगदीशप्रसाद शर्मा ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले के दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए उन्हें 4-4 साल के कठोर कारावास और 40-40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
नाकाबंदी तोड़कर भगाई थी XUV, 48 किलो डोडा-चूरा बरामद
विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरुप गुर्जर ने बताया कि घटना 9 अगस्त 2018 की है। तत्कालीन बनेड़ा थानाधिकारी गश्त के दौरान कंकोलिया चौराहे पर नाकाबंदी कर रहे थे। इस दौरान एक महिन्द्रा एक्सयूवी (XUV) को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन तस्कर ने रफ्तार बढ़ाकर गाड़ी लांबा-उपरेड़ा मार्ग की ओर भगा दी। कुछ दूर जाने के बाद तस्कर वाहन को लावारिस छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें 48 किलो 100 ग्राम अवैध डोडा-चूरा बरामद हुआ।
जांच में खुले राज: मालिक और मददगार गिरफ्तार
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वाहन के पंजीकरण की जांच में सामने आया कि गाड़ी राजौद (नागौर) निवासी रामकिशोर पुत्र प्रहलादराम रेवड़ा के नाम पर है। पुलिस ने रामकिशोर और इस तस्करी में शामिल रामलाल पुत्र माधुलाल लुहार (निवासी सियार, मंगरोप) को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया।
10 गवाहों की गवाही से सिद्ध हुआ दोष
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ 10 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 87 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर अपराध को पुख्ता तरीके से सिद्ध किया। सभी दलीलों और सबूतों को देखने के बाद न्यायालय ने बुधवार को दोनों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का आदेश जारी कर दिया।