भीलवाड़ा।
शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले कलेक्टर कार्यालय के पास स्थित ओवरब्रिज ने आमजन की परेशानी को और बढ़ा दिया है। एक ओर यह ओवरब्रिज ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए बनाया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में यह लोगों के लिए "कोढ़ में खाज" साबित हो रहा है। सुबह और शाम के वक्त यहां लगने वाला भारी जाम वाहन चालकों के लिए रोज का सिरदर्द बन गया है।
शहरवासियों की माने तो ऑफिस और स्कूल टाइम में यह ओवरब्रिज इतना अतिभारित हो जाता है कि दोनों ओर कई-कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। खासतौर पर दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और स्कूल बसें भी इसी जाम में फंस जाती हैं, जिससे हालात और गंभीर हो जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ओवरब्रिज के दोनों सिरों पर बने असंगठित कट और ट्रैफिक लाइट्स की अनुपस्थिति की वजह से जाम और भी ज्यादा बढ़ जाता है। साथ ही, अतिक्रमण और सड़कों की खराब हालत भी यातायात बाधित करने में भूमिका निभा रही है।
शहरवासियों की मांग
लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति नगण्य है और जाम के समय कोई नियंत्रण नहीं होता। नागरिकों ने मांग की है कि:
ओवरब्रिज के दोनों सिरों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएं
भीड़भाड़ वाले समय में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं
सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाए
फ्लाईओवर के नीचे की पार्किंग और अव्यवस्था को सुधारा जाए
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हालांकि अभी तक जिला प्रशासन या नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस विषय को लेकर आगामी बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। ट्रैफिक विभाग ने भी इस समस्या को स्वीकार करते हुए कहा है कि नई ट्रैफिक प्लानिंग पर काम चल रहा है, जिसमें वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित किया जा रहा है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। विपक्षी पार्षदों और स्थानीय नेताओं ने इसे प्रशासन की नाकामी करार देते हुए जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस जाम की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और लोग प्रशासन को ट्रोल कर रहे हैं।
