भीलवाड़ा बजरी : एक तरफ हाईकोर्ट का 'हंटर', दूसरी तरफ माफिया का 'रेड कारपेट'
भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी में बजरी का खेल अब दो राहे पर खड़ा है। एक ओर राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद खनिज विभाग ने जिले की 5 बड़ी वैध लीज पर ताले लटका दिए हैं, तो दूसरी ओर अवैध बजरी माफिया के लिए पुलिस और प्रशासन ने 'रेड कारपेट' बिछा रखा है। हालात ऐसे हैं कि कानून का पालन करने वालों के हाथ बंध गए हैं और माफिया बेखौफ होकर बनास का सीना छलनी कर रहा है।
1. हाईकोर्ट का कड़ा फैसला: 5 बड़ी लीज बंद, मचेगा हाहाकार
जयपुर हाईकोर्ट के आदेश की पालना में खनिज विभाग ने मंगलवार रात 12 बजे से जिले की महत्वपूर्ण लीज (BJ 07, 13, 15, 18 व 22) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
डिजिटल लॉक: अधीक्षण खनि अभियंता ओपी काबरा के अनुसार, इन लीज की ई-टीपी और ई-रवन्ना पोर्टल पर डिएक्टिवेट कर दिए गए हैं।
संकट: शाहपुरा, आसींद और सहाड़ा को छोड़कर बाकी जिले में बजरी की भारी किल्लत शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में मकान बनाना और भी महंगा होने वाला है।
2. बड़लियास थाने के सामने माफिया का 'शक्ति प्रदर्शन'
जहां वैध लीज बंद हो रही हैं, वहीं बड़लियास से आई तस्वीरों ने सिस्टम की पोल खोल दी है।
बेखौफ काफिला: बुधवार पूरी रात थाने के ठीक सामने से अवैध बजरी से लदे डंपरों का काफिला गुजरता रहा, लेकिन पुलिस 'मौन' रही।
साठगांठ का खेल: चर्चा है कि पुलिस और खनिज विभाग की "मौन सहमति" ने माफिया को इतना निडर बना दिया है कि अब उन्हें रात के अंधेरे की भी जरूरत नहीं रही।
3. सरकारी स्टॉक से चोरी: एमपी तक सप्लाई चेन
बड़ाखेड़ा (पारसोली) में खनिज विभाग द्वारा जब्त की गई बजरी का गायब होना इस खेल की सबसे बड़ी कड़वी सच्चाई है।
मगरमच्छों पर मेहरबानी: छोटे ट्रैक्टर पकड़कर वाहवाही लूटने वाला विभाग उन बड़े डंपरों पर हाथ डालने से बच रहा है, जो चित्तौड़गढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश तक बजरी की तस्करी कर रहे हैं।
आम जनता पर दोहरी मार
हाईकोर्ट के आदेश से वैध बजरी मिलनी बंद हो गई है, जिससे कीमतें आसमान छुएंगी। वहीं, माफिया इसी स्थिति का फायदा उठाकर अवैध बजरी को मनमाने दामों पर बेचेगा। सवाल यह है कि जब थाने के सामने से माफिया गुजर रहा है, तो जिला प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति कहां है?
भीलवाड़ा हलचल क्या आप भी बजरी माफिया की मनमानी से परेशान हैं? अपनी राय हमें व्हाट्सएप 9829041455 पर भेजें।
