माणिक्य रत्न संगम' एल्यूमिनी मीट में मिले पुराने यार , की याद ताजा: भीलवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रयास को प्राथमिकता सांसद अग्रवाल

Update: 2025-03-30 13:11 GMT
भीलवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रयास को प्राथमिकता सांसद अग्रवाल
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 भीलवाड़ा (प्रहलाद तेली)स्थानीय माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय द्वारा पूर्व छात्रों का 'माणिक्य रत्न संगम' नाम से एल्यूमिनी मीट का पहला  ऐतिहासिक समारोह नगर निगम के टाउन हॉल में संपन्न हुआ।



प्रथम सत्र परिचय एवं संस्मरणों का हुआ, जिसमें महाविद्यालय के सभी पूर्व छात्रों ने अपना नाम, अध्ययन वर्ष और वर्तमान व्यवसाय को साझा करते हुए अपना परिचय दिया। इसके पश्चात राजेंद्र गोपाल  व्यास ने अपने प्रसिद्ध गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया कि "महाविद्यालय का महाकुंभ आज देखने को मिला है, सभी ने ज्ञान संगम में पवित्र स्नान किया है। उन्होंने "भीलवाड़ा का कॉलेज हूं मैं, एमएलबी मेरा नाम है... अध्ययन में रहा हूं ऊंचा, यहां कोई न ऊंचा न नीचा।" उक्त गीत की प्रस्तुति की। पूर्व छात्रों में से पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष विजयपाल सिंह राठौड़, कुणाल ओझा एवं धर्मेंद्र नील, शैलेंद्र बोर्दिया,डॉ जगदीश खटीक दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य, गोपाल सैनी दुर्गेश शर्मा, द्वारका प्रसाद अग्रवाल आदि ने महाविद्यालय से जुड़े अपने अविस्मरणीय संस्मरण सभी के साथ साझा किए।



 

सभी इस ऐतिहासिक भव्य कार्यक्रम में आपस में मिलकर गौरव से अभिभूत हुए।

द्वितीय सत्र में मुख्य समारोह मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों ने किया। आरंभ में वीर रस के कवि योगेंद्र जी शर्मा ने कविता प्रस्तुत की कि "हर माणिक्य रत्न सवा लाख के बराबर और राणा का स्वाभिमान है, इतिहास तुम्हारे कदमों में तुम गौरवशाली हिंदुस्तान हो, प्राण रहे ना रहे तन में, पर हिंदुस्तान हमें बचाना है। तुम चाहो तो राम राज्य का दौर शुरू हो सकता है, तुम चाहो तो भारत पुनः विश्वगुरु हो सकता है" के भावों से परिपूर्ण वीर रस की कविता से मुख्य समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. काश्मीर भट्ट ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा रखी। प्राचार्य प्रो. राजकुमार चतुर्वेदी ने महाविद्यालय की उपलब्धियां और विकास कार्य से रूबरू करवाया, सभी पूर्व छात्रों से महाविद्यालय को एक विकसित और समृद्ध ज्ञान-मंदिर बनाने हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। ओस्तवाल ग्रुप के संचालक पंकज ओस्तवाल से प्राचार्य ने आग्रह किया कि भारतीय ज्ञान परंपरा की गंगा पंडित दीनदयाल शोध केंद्र से निकलेगी, जिसकी स्थापना करवाने में अपना सहयोग प्रदान करें। द्वारका प्रसाद जी मंगल से आग्रह किया कि एमएलवी के पुस्तकालय को दो मंजिला करवाने में अपना सहयोग प्रदान करें। भीलवाड़ा के महापौर श्री राकेश  पाठक से आग्रह किया कि कॉलेज को सुविधाजनक बनाने हेतु दिल खोलकर सहयोग प्रदान करें। उप मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह किया कि भीलवाड़ा में कुल 67 कॉलेज वर्तमान में संचालित है, इसलिए भीलवाड़ा में शीघ्र ही एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संबित  पात्रा जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा के सांसद किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, उन्होंने अपना शुभकामना संदेश प्रेषित किया कि भीलवाड़ा भामाशाहों की पुण्य भूमि, विश्व प्रसिद्ध वस्त्र नगरी है, जो समग्र विश्व के लोगों को कपड़े पहनती है। माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी  का मकसद केवल मात्र इतना ही है कि भारत एक विकसित राष्ट्र बने और निरंतर आगे बढ़े। उनके इस यज्ञ में हम सभी अपनी आहुति दें, तभी यज्ञ पूर्ण होगा और 2047 तक हम विकसित भारत के नागरिक कहलाएंगे।



 


उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि एमएलवी कॉलेज एक शिक्षण केंद्र ही नहीं, बल्कि संस्कारों की पावन भूमि है, जो विद्यार्थी को दिशा दिखाता है और हम सभी के व्यक्तित्व को आकार देकर अपने सपनों को पंख दिए हैं, हमारी पहचान बनाई है। आज विद्यार्थी देश और समाज की समस्याओं के समाधान करने के काबिल बने। हम सभी संकल्प लें कि अपने आर्थिक सहयोग से इस संस्थान को उच्चतम शिखर तक पहुंचाएंगे।

संघ प्रचारक श्री कैलाश शर्मा ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा के हम सभी वाहक हैं, इसे श्रेष्ठ बनाने में सभी पूर्व छात्र अपना पूर्ण योगदान दें। सभी अपने सामर्थ्य अनुसार एमएलवी कॉलेज को सुविधाजनक बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। सांसद श्री दामोदर  अग्रवाल ने भीलवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना करवाने में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। आज भारत अपनी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से पुनः विश्व गुरु की ओर अग्रसर हो रहा है, हम सभी इसमें सहभागी बने। श्री पंकज ओस्तवाल ने कहा कि शिक्षक की साधना और तपस्या से ही हम आज ऊंचाइयों को छू पाए हैं, शिक्षक के संस्कारों से हमने नया मुकाम प्राप्त कर अपनी पहचान स्थापित की है, इसलिए हर संभव हम सभी कॉलेज को संसाधन उपलब्ध करवाने का प्रयास करेंगे। महापौर श्री राकेश जी पाठक ने कहा कि हमारा सपना पूर्ण होगा और आगामी वित्त वर्ष में हम भीलवाड़ा को एक विश्वविद्यालय के रूप में देखेंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. बैरवा से सैद्धांतिक और प्रशासनिक कार्य हेतु अग्रणी कदम उठाने का आग्रह किया ताकि विश्वविद्यालय का स्वप्न शीघ्र साकार हो सके। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व छात्रों- श्री रामपाल शर्मा, डॉ श्यामसुंदर भट्ट, श्री शंकर लाल माली, श्री आनंदीलाल वैष्णव, श्री अनिरुद्ध वैष्णव, श्री ओम जी नारायणीवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कालू लाल  गुर्जर सहित 30 पूर्व छात्रों को अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

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प्रवर समिति को और प्रभावी बनाया जाएगा\

इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए निगमों का पुनर्गठन किया लेकिन हम यह नहीं चाहते। हम कोई राजनीतिक दृष्टि से नहीं, हम इसकी समीक्षा करके इसे लागू करेंगे। हमारे मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थिति वैसी की वैसी ही रहे जिससे कि हर मतदाता एक जाति और धर्म संप्रदाय में नहीं बटे।

नेता प्रतिपक्ष ने बिना मुद्दे के वाक आउट किया

नेता प्रतिपक्ष बोल के विधानसभा नहीं बोलने के आरोप के जवाब में उन्होंने कहा कि विधानसभा जब तक चली तब तक मैं रहा हूं,विधानसभा में उन्होंने केवल और केवल बिना मुद्दे के अगर कहीं ना कहीं वो वॉकआउट करके गए। अध्यक्ष ने उनको पूरा मौका दिया बोलने का लेकिन अगर वो खुद ही अपने मुद्दों से भटक के वॉकआउट करके चले गए तो इसमें बोलने और नहीं बोलने का निर्णय हमने नहीं लिया है, विधानसभा अध्यक्ष ने उनको पूरा मौका दिया है।


प्रवर समिति में तीन विधेयक थे जो फिर उसमें चले गए इसमें सरकार का फेल्योर मानते हैं, जवाब में बैरवा ने कहा कि इसको और अधिक प्रभावी बनाने के निर्णय लिया गया है ,अगर हमारे सभी सदस्यों की राय थी इसको और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए यह किया गया है निश्चित रूप से कुछ ना कुछ महीने उसमें संशोधन करके यह उसको और अधिक प्रभावित बनाने के लिए अगर उसमें काम करेंगे तो एक अच्छा निर्णय होगा।

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