न्यू भीलवाड़ा सिटी परियोजना को मिली हरी झंडी, भूमि पुलिंग और पीपीपी मॉडल से होगा विकास
Ai द्वारा तैयार फोटो
भीलवाड़ा। शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली न्यू भीलवाड़ा सिटी परियोजना अब जमीन पर उतरने की ओर बढ़ चुकी है। नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को भूमि पुलिंग और सार्वजनिक निजी सहभागिता मॉडल के तहत विकसित करने का निर्णय लिया है।
जयपुर में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना के स्वरूप और क्रियान्वयन को लेकर अहम फैसले लिए गए। बैठक में राज्य और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिन्होंने आगामी चरणों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
प्रस्तावित न्यू भीलवाड़ा सिटी करीब दस हजार एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसे चरणबद्ध तरीके से बसाया जाएगा ताकि सुनियोजित ढंग से आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास हो सके। योजना को तेज गति देने के लिए भूमि पुलिंग अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिससे जमीन से जुड़े मामलों को एक तय ढांचे में लाया जा सके।
सेक्टर आधारित लेआउट तैयार करते समय जल स्रोतों, वन क्षेत्रों और ग्राम सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही पहले से चल रहे 90ए और 90बी प्रकरणों तथा पट्टाधारकों को दिए गए वादों का भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि किसी को नुकसान न हो।
प्रशासन का मानना है कि न्यू भीलवाड़ा सिटी के आकार लेने से शहर को आधुनिक पहचान मिलेगी और रोजगार, व्यापार व आवासीय गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
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