भीलवाड़ा।बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्री श्याम मंदिर, काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा में विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा श्री श्याम के अभिषेक से की गई, जिसके पश्चात बाबा का भव्य श्रृंगार कर पीतांबरी (बाधा) का वितरण श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप किया जाएगा। 35 हजार चॉकलेट से बाबा का सिंगार किया गया।
प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही। बाबा श्याम के जयकारों एवं भजनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर बाबा श्री श्याम का अभिषेक एवं श्रृंगार मंदिर के मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला एवं पंडित रवि द्वारा विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। अभिषेक के बाद प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ पीतांबरी प्राप्त की।
श्री श्याम सेवा समिति काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने बताया कि बाबा श्याम की पीतांबरी को भक्त अपने घरों में पूजा स्थल पर रखते हैं तथा इसे मंगल कार्यों, नई शुरुआत एवं विशेष अवसरों पर धारण करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने जानकारी दी कि समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था, अभिषेक, प्रसाद वितरण एवं अनुशासन बनाए रखने हेतु समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं श्री श्याम सेवा समिति काशीपुरी धाम, भीलवाड़ा द्वारा की गईं। समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खाटू श्याम का बागा केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि बाबा की शक्ति और उनके आशीर्वाद का जीवंत स्वरूप माना जाता है । पीतांबरी बागा वह दिव्य पीला वस्त्र होता है जो बाबा श्याम को विशेष तिथियों , विशेष कर बसंत पंचमी पर धारण कराया जाता है। शास्त्रों में पीले रंग को पवित्रता , सुख समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना गया है।
पुजारी रूपेंद्र शुक्ला के अनुसार, यह वस्त्र बाबा श्याम के विग्रह (मूर्ति) को स्पष्ट करता है, जिससे इसमें सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वरीय तरंगे समाहित हो जाती है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि खाटू श्याम का बागा का एक छोटा सा अंश भी यदि किसी घर की तिजोरी पूजा स्थल या व्यापारिक प्रतिष्ठान में रखा जाए, तो वहां कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती और इससे संतान प्राप्ति , शादी , व्यापार, नौकरी, सुख शांति मिलती है एवं नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। इसे धारण करने या पास रखने से कई असाध्य कष्टों से मुक्ति मिलने की लोक मान्यताएं भी प्रचलित है।
