अजमेर डिस्कॉम में नियमों की धज्जियाँ: भीलवाड़ा एसई ने बिना अनुमति किए ताबड़तोड़ तबादले, ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी
भीलवाड़ा हलचल । राजस्थान सरकार द्वारा तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध (Transfer Ban) लगाए जाने के बावजूद अजमेर डिस्कॉम के भीलवाड़ा सर्किल में नियमों को ताक पर रखकर कर्मचारियों के फेरबदल का खेल चल रहा है। सर्किल के अधीक्षण अभियंता (SE) ओपी महला पर आरोप है कि उन्होंने बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति के कई कर्मचारियों को इधर-उधर लगा दिया है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
नियम विरुद्ध तबादलों की फेहरिस्त:
इंजीनियरिंग सुपरवाइजर: 13 फरवरी 2026 को सहायक अभियंता कार्यालय कोटड़ी में कार्यरत दो ईएस के बावजूद एक और ईएस का तबादला कर दिया गया।
तकनीशियन और सूचना सहायक: 25 मार्च 2026 को तकनीशियन बलराम प्रजापत और सूचना सहायक पीयूष सुखवाल का नियम विरुद्ध स्थानांतरण किया गया। पीयूष को पीओ कार्यालय भेजने से एक्सईएन ऑफिस का काम ठप होने की नौबत आ गई है, जिस पर एक्सईएन ने नोटिस भी जारी किया है।
उच्च स्तर पर मची खलबली:
इस मामले में अजमेर डिस्कॉम के एमडी केपी वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि "एसई ने जो कर्मचारियों को हटाकर अन्य स्थानों पर लगाया है, उसके बारे में कोई अनुमति नहीं ली गई है। अगर कार्य प्रभावित हो रहा है तो यह पूरी तरह गलत है"। वहीं, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जानकारी जुटाने के बाद कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, एसई ओपी महला ने इसे केवल 'कार्य व्यवस्था' (Temporary Arrangement) का नाम देकर अपना बचाव किया है।
3. भीलवाड़ा विद्युत वितरण निगम की सख्ती: बिना अनुमति 'एक्स्ट्रा काम' कराने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर नकेल
भीलवाड़ा। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) के भीलवाड़ा कार्यालय ने कार्य संपादन के दौरान होने वाली वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए नया फरमान जारी किया है। अधीक्षण अभियंता (O&M) ने सभी सहायक अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे स्वीकृत 'जी-शेड्यूल' से बाहर जाकर बिना पूर्व अनुमति के कोई भी अतिरिक्त कार्य (Excess/Extra items) न करवाएं।
मुख्य निर्देश और चेतावनी:
अनुमति अनिवार्य: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अक्सर कार्य के दौरान बिना अनुमति के अतिरिक्त काम करवा लिया जाता है और बाद में बिल भुगतान के समय 'एक्सेस आइटम स्लिप' प्रस्तुत की जाती है, जो कि अनुचित है। अब बिना लिखित पूर्व अनुमति के कोई भी अतिरिक्त काम नहीं कराया जा सकेगा।
अनुबंध की समय सीमा: कार्यादेश (Work Order) जारी होने के 10 दिनों के भीतर संविदाकार (Contractor) के साथ एग्रीमेंट संपादित कराना अनिवार्य होगा।लेआउट के बिना काम नहीं: एग्रीमेंट होने के बाद ही ठेकेदार को कार्य का लेआउट दिया जाएगा, ताकि विवादों से बचा जा सके।
अधीक्षण अभियंता ने सभी अधिशाषी अभियंताओं (मांडल, मांडलगढ़, गंगापुर, गुलाबपुरा, शाहपुरा, जहाजपुर) को इन निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित अधिकारी और लेखाधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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