पत्थरगढ़ी से पूर्व सीमा ज्ञान के आदेश पर पुनर्विचार करने को लेकर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

Update: 2026-02-12 10:41 GMT

भीलवाड़ा । जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़, उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लाल बुनकर, कोषाध्यक्ष रवि गोरानी, सह सचिव आदित्य सिंह चौहान, पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली के निर्देशन मे अधिवक्ताओ ने ज्ञापन सौपकर मांग की है कि पत्थरगढ़ी से पूर्व सीमा ज्ञान के आदेश पर पुनर्विचार किया जाये|

रेवेन्यू महासचिव बुनकर ने बताया कि राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट कि धारा 111व 128 के तहत काश्तकार के क़ृषि आराजी की पत्थरगढ़ी का प्रावधान है जहा आस-पास के पड़ोसियों की उपस्थिति मे पत्थरगढ़ी तहसीलदार द्वारा की जाती है| अभी हाल ही मे जिला कलेक्टर द्वारा एक आदेश इस आशय का पारित किया कि पत्थरगढ़ी से पूर्व सीमा ज्ञान कराया जावे जबकि राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट की धारा 111 व 128 मे सीमा ज्ञान कराने का प्रावधान नहीं है तथा ऐसे आदेश से काश्तकारो को अनावश्यक समय एवं धन की क्षति होती है क्योंकि सीमा ज्ञान हेतु प्रस्तुत होने पर अनावश्यक तौर पर पटवारी के यहां चक्कर काटने पड़ेंगे| पटवारी को सरकार द्वारा पहले से ही अतिरिक्त कार्यभार दे रखा है इस कारण पटवारी अपने कार्यालय पर मिलते भी नहीं है इस कारण काश्तकार को अनावश्यक पीड़ा हो रही है| यह आदेश अत्यंत पीड़ादायक है जबकि पूर्व मे पत्थरगढ़ी की कार्यवाहिया कानूनन रूप से संपादित हो रही है इस कारण इस आदेश पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है|

ज्ञापन देने के दौरान कृष्णगोपाल शर्मा, रणवीर सिंह राणावत, मांगीलाल सेन, सुरेश सुवालका, पीरू सिंह गौड़, योगेश चौधरी, ओम प्रकाश पटवारी, निक्कीबाला अरोड़ा, कन्हैलाल सेन, गायत्री पटवा, ज्योति जागेटिया, सरिता स्वर्णकार, पल्लवी गुप्ता, अनुराग आडोत, मीना सोनी, मानवी कुमावत, पूजा नाथ योगी सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे|

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