भीलवाड़ा (पुनीत जैन)। जिला कारागृह परिसर स्थित ओपन जेल में सजा काट रहे एक बंदी की अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी अस्थमा से ग्रेषित था। मौत के कारणों की न्यायिक जांच होगी।
जेल अधीक्षक शेलेंद्रसिंह फौजदार ने बताया कि बड़ी सादड़ी, चित्तौडग़ढ़ निवासी किशनलाल 61 पिता चुन्नीलाल भील जिला कारागृह परिसर स्थित ओपन जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहा था। 14 जनवरी की शाम किशन की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार को किशन ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
मौत की सूचना मिलते ही पुलिस एवं जेल प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया। जहां उसका मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। जेल अधीक्षक फौजदार का कहना है कि किशन लाल हत्या के मामले में आरोपित था। वह 30 दिसंबर 2025 को ही हनुमान गढ़ की ओपन जेल से भीलवाड़ा ओपन जेल में स्थानांतरित हुआ था।
उन्होंने बताया कि बंदी किशन लाल लंबे समय से अस्थमा से ग्रेषित था। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।