कलेक्टर के सख्त निर्देश भी बेअसर, नाले से नहीं हटा अतिक्रमण; निगम अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

Update: 2026-03-09 15:20 GMT

भीलवाड़ा | शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। जिला कलेक्टर एवं निगम प्रशासक जसमीत सिंह संधू के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सांगानेरी गेट क्षेत्र में बरसाती नाले पर फैला अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया जा सका है। आरोप है कि निगम के मैदानी अधिकारियों ने खानापूर्ति कर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया है।

शहर में पिछले एक महीने से सड़कों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान जारी है। इस कड़ी में सांगानेरी गेट स्थित दूधाधारी मंदिर के सामने, उपासरा यति श्री केसरी चंद सम्पत्ति ट्रस्ट और शांतिनाथ जैन मंदिर के पास बरसाती नाले पर पट्टियां डालकर अवैध केबिनें रखने का मामला गरमाया हुआ है। जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में कलेक्टर संधू को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।

कलेक्टर के फोन के बाद भी 'आधी-अधूरी' कार्रवाई

मामले की गंभीरता देखते हुए कलेक्टर ने मौके से ही निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी को फोन कर तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी संजय खोखर टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दर्जनों केबिनों में से केवल नाममात्र की कार्रवाई कर इतिश्री कर ली गई। दस्ते ने पूरी कार्रवाई होने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी, जबकि हकीकत में नाले पर अब भी कई अवैध दुकानें और केबिनें टिकी हुई हैं।

भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की चर्चा

अभियान के दौरान शहरवासियों ने निगम कर्मियों पर पक्षपात और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। चर्चा है कि 'सुविधा शुल्क' के खेल के चलते रसूखदारों के अतिक्रमण को छुआ तक नहीं जा रहा है, जबकि आम व्यापारियों पर कार्रवाई का डंडा चल रहा है। इस संबंध में आयुक्त हेमाराम चौधरी का कहना है कि उन्हें प्रभारी द्वारा पूर्ण कार्रवाई की सूचना दी गई थी। यदि मौके पर अतिक्रमण शेष है, तो यह गंभीर लापरवाही है और इसकी जांच कराई जाएगी।

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