हरिशेवा उदासीन आश्रम में सतगुरु बाबा हरिराम साहब जी की 78वीं वर्सी उत्सव की भक्ति पूर्ण शुरुआत
भीलवाड़ा -पेसवानी हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर, भीलवाड़ा में सतगुरु बाबा हरिराम साहब जी की 78वीं वार्षिक वर्सी का चार दिवसीय भक्ति महोत्सव गुरुवार, 26 जून को एकम तिथि के शुभ अवसर पर श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ आरम्भ हुआ।
उत्सव की शुरुआत प्रातःकाल आश्रम परिसर स्थित सतगुरुओं की समाधियों, दरबार साहब व आसण साहब पर शीश नवाने एवं प्रार्थना के साथ हुई। वैदिक ब्राह्मण मंडलियों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात हरिशेवा उदासीन आश्रम में सतगुरु बाबा हरिराम साहब जी की 78वीं वर्सी उत्सव की भक्ति पूर्ण शुरुआत
रामायण का अखंड पाठ विधिवत प्रारम्भ किया गया, जिसमें संत-महात्माओं की दिव्य उपस्थिति रही।
भावविभोर कर देने वाली संतवाणी
सत्संग प्रवचनों की श्रृंखला में पुष्कर से पधारे श्रीमहंत हनुमानराम उदासीन ने भावभीना भजन “हरदम तोखे याद कयूं था सजण सुबू ऐंहि शाम हलीया संत सचा हरिराम” प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने भजन “ऐसी किरपा मोहे करो, सन्तन चरण हमारो माथा” के माध्यम से सतगुरुओं की महिमा का बखान करते हुए श्रद्धालुओं को प्रभु चरणों में नतमस्तक रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने आधुनिक समय में बच्चों में घटते धार्मिक संस्कारों पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को धर्म और संस्कृति की ओर प्रेरित करें। उन्होंने संतवाणी “हर दम हर हन्द हरि आये साण, लट्ठ सा हकल करे हलाये थो पाण” के माध्यम से सतगुरुओं की शिक्षाओं का स्मरण कराया।
सेवा और सत्संग का संगम
इस पावन अवसर पर श्रीसीताराम गौशाला में गौसेवा, अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। संतों व विप्रजनों के लिए विशेष प्रसादी भोज का आयोजन भी किया गया।
संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति
वर्सी उत्सव में दूर-दराज से पधारे अनेक संत-महात्माओं की दिव्य उपस्थिति रही। इनमें श्रीमहंत स्वरूपदास (अजमेर), श्रीमहंत हनुमानराम (पुष्कर), महंत आत्मदास (उज्जैन), महंत श्यामदास (किशनगढ़), स्वामी ईश्वरदास, स्वामी अर्जुनदास (अजमेर), स्वामी मोहनदास चंदन (इंदौर) सहित उदासीन निर्वाण मंडल के कई संत शामिल हुए। इन्होंने संगत को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया।
शाम को भजन संध्या
सांयकाल में नितनेम, हनुमान चालीसा पाठ व भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न भक्त मंडलियों द्वारा भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति भाव में डूबे रहे।
27 जून को होंगे विशेष आयोजन
चार दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत शनिवार, 27 जून को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस दिन
श्री श्रीचंद्र सिद्धांत सागर का अखंड पाठ प्रारम्भ होगा।
श्रीरामायण अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा।
सांयकाल में धर्मध्वजा (झंडा साहिब) की विधिवत स्थापना आश्रम परिसर में की जाएगी।
भगवान जगन्नाथ यात्रा के आश्रम आगमन पर भव्य स्वागत एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।
संपूर्ण उत्सव आश्रम की आध्यात्मिक परंपराओं के अनुरूप भक्तिभाव, सेवा और सत्संग का सजीव उदाहरण बनकर श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक शांति और संतोष का स्रोत बना हुआ है।
