गंगापुर( दिनेश लक्षकार) प्रदेश के समस्त बस संगठनों द्वारा परिवहन विभाग की कथित दमनात्मक एवं अनुचित कार्यवाहियों के विरोध में भीलवाड़ा जिला निजी बस एसोसिएशन जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मोगरा उपाध्यक्ष कैलाश जाट संरक्षक गोवर्धन लाल सोमाणी एसोसिएशन महिला मोर्चा सदस्य श्रीमती गायत्री देवी शर्मा के नेतृत्व में 11 सूत्रीय मांग पत्र राज्य के मुख्यमंत्री एवं जिला प्रादेशिक परिवहन अधिकारी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। जिला प्रवक्ता चांदमल मूंदड़ा ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में उपखंड मुख्यालय पर स्टैज कैरित बसो की छत पर लगा हुआ कैरियर नहीं हटाया जाए। क्योंकि ग्रामीण लोगो को लाने ले जाने के लिये भारी किराया चुकाना पड़ता है। परिवहन विभाग द्वारा निजी बसो पर की जा रही सीज की कार्यवाही रोकी जाए। अगर कोई बस गलत तरीके से चल रही है तो उसका चालान कर रवाना किया जाए।निजी बसो से नाजायज वसूली सीज की कार्यवाही करते है जिससे मनमाना जुर्माना वसूल कर सके जिससे बाहर आने वाले ट्यूरिस्ट को महिला एवं बच्चो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जब कि एम व्ही एक्ट में एवं मोटर वाहन नियमो 130 व 140 में स्पष्ट लिखा हुआ है कि किसी भी वाहन के पास कोई भी एक कागजात मौजूद है तो वाहन को सीज नहीं किया जाए बकाया कागजात 15 दिवस के अन्दर दिखा सकता है इन नियमो की पालना कर वाई जावे। अन्य राज्यो से आने वाली पर्यटक बसो एवं यात्रियो को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है तथा बसो को जब्त सीज किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अन्तर्गत स्पष्ट प्रावधान है कि यदि वाहन के पास वैध दस्तावेज उपलब्ध है तो उसे जब्त नहीं किया जाना चाहिए।बसो के आरसी पंजीयन प्रमाण पत्र को पर्याप्त कारण निलंबित किया जा रहा है। मोटरवाहन अधिनियम में साफ प्रावधान है कि वाहन के पास वैध दस्तावेजो में से एक भी दस्तावेज हो तो वाहन को सीज नहीं किया जा सकता। नियमो की पालना न कर वाहनो के दस्तावेजो में की निकाल कर अनावश्यक रूप से वाहन सीज किये जा रहे है। चुनाव में बसो का किराया पड़ौसी राज्यो के किराया दर से बहुत कम है। चुनाव में बसो का किराया अन्य राज्यो के समान ही किराया जावे एवं अधिग्रहण के स्थान से ही डीजल दिया जावे। पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह अभिमत दिया कि राजस्थान स्टेट रोड ट्रान्सपोर्ट कॉर्पोरेशन आरएसआरटीसी एवं परिवहन आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदो पर एक ही अधिकारी की नियुक्ति उचित नहीं है। न्यायालय की भावना के अनुरूप दोनो पदो परिवहन आयुक्त व महाप्रबंधक रारापपनि पर पृथक पृथक अधिकारियो की नियुक्ति की जाये। प्रदेश के समस्त डीटीओ कार्यालयो में सभी प्रकार के वाहनो की फिटनेस प्रक्रिया पूर्व की भांति सुचारू रूप से प्रारंभ की जाये। बस बॉडी कोड 152 153 एवं 119 को 31 मार्च तक स्थगित रखते हुए 1 अप्रेल से प्रभावी किया जावे। उपरोक्त मांगो पर 23 फरवरी से पूर्व सकारात्मक कार्यवाही करने का कष्ट करे। 24 फरवरी से समस्त राजस्थान के बस ऑपरेटर चक्का जाम हड़ताल करेंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ज्ञापन देते समय , देवेंद्र सिंह राठौड़, महेश चंद्र त्रिवेदी, गुंजन जेठानी, भंवर आचार्य ,शंकर आचार्य, श्याम टॉक, दिनेश, मोहन जाट, राजेश पोरवाल, केसर का कायमखानी ,बद्री लाल जाट, महेंद्र, सलीम खान , सहित जिले के निजी बस मालिक उपस्थित थे।