लाडपुरा ग्राम में चारभुजानाथ के संग खेली होली, शोभायात्रा में उमड़ा जन सैलाब
लाडपुरा [ शिव लाल जांगिड़ ] कस्बे में मंगलवार को शीतला सप्तमी पर चारभुजानाथ मंदिर के सानिध्य में लोगों ने भगवान चारभुजा नाथ के संग रंग अबीर गुलाल से रंगों की होली खेली। शाम 8:15 बजे से भगवान चारभुजा नाथ का बेवाण की शोभायात्रा निकाली गई। जगह जगह भगवान चारभुजा की आरती एवं प्रसाद चढ़ाया गया। शोभायात्रा ग्राम का भ्रमण करते विभिन्न मार्गों से होती हुई पुष्पवर्षा के साथ रात्रि 10.15 बजे पुनः चारभुजा नाथ मंदिर पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजा नाथ की आरती की। इस दौरान चारभुजा नाथ का बेवाण गांव भ्रमण पश्चात मंदिर पर पहुंचने के बाद गैर नृत्य का कार्यक्रम में गैर नृत्य आयोजन हुआ और गैर नृत्य समापन हुआ। इस अवसर पर होली की शुभकामनाएं दी एवं भगवान चारभुजानाथ का आशीर्वाद लिया। फाल्गुन माह में आयोजित होने वाला फाग महोत्सव वसंत ऋतु के आगमन और राधा-कृष्ण के प्रेम का जश्न है। यह उत्सव फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास, विशेषकर होली के बाद के दिनों में फूलों, गुलाल, और पारंपरिक भजनों (फाग गीतों) के साथ मनाया जाता है। पौराणिक महत्व के अनुसार फाल्गुन माह में भगवान कृष्ण ने राधा जी और गोपियों के साथ होली खेली थी, इसलिए इस माह में फाग उत्सव की विशेष परंपरा है। फाग महोत्सव में लोक गीत, नृत्य और राधा-कृष्ण की विशेष पूजा शामिल होती है। इस दौरान मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है और फाग के लोकगीत गाकर महिलाएं एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाते हैं। यह त्यौहार न केवल रंगों का खेल है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।