भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा क्षेत्र के ग्राम उदलियास में 08 मार्च 2026 को कस्तूरी कॉटन उत्पादन – किसान जागरूकता सत्र एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन CITI-CDRA, TEXPROCIL, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार तथा कस्तूरी कॉटन भारत पहल के अंतर्गत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10:30 बजे पंजीकरण के साथ हुई। इसके पश्चात भारत कुमार शर्मा एवं गोविंद पाराशर प्रोजेक्ट ऑफिसर ने प्रशिक्षण का परिचय देते हुए किसानों को कस्तूरी कॉटन मिशन के उद्देश्यों और इसकी महत्ता के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जी. एस. अमेटा (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, राजस्थान) ने कस्तूरी कॉटन के गुणवत्ता मानकों एवं उत्पादन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। वहीं कजौड़मल गुर्जर (कृषि अधिकारी, कृषि विभाग, भीलवाड़ा) ने कस्तूरी कॉटन की खेती की संभावनाओं और इसके लाभों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में संजीवा ,भूपेश (सहायक प्रबंधक, कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भीलवाड़ा) ने कस्तूरी कॉटन के प्रचार-प्रसार एवं खरीद प्रक्रिया में CCI की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही डॉ. सी. एम. यादव (हेड एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक, केवीके भीलवाड़ा) ने कस्तूरी कॉटन जैविक खेती पर केवीके और विश्वविद्यालय के सहयोग एवं किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों के साथ प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। अंत में मृदा नमूना (Soil Sample) लेने की
प्रायोगिक जानकारी भी किसानों को दी गई।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक किसानों ने भाग लेकर कस्तूरी कॉटन उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
