बसंत पंचमी पर पीतांबर रंग में रंगे सांवरिया सेठ, वाद्य यंत्रों के बीच बिखरी अलौकिक आभा

Update: 2026-01-23 11:31 GMT

भीलवाड़ा । शहर के निकटवर्ती नौगांवा स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर में सोमवार को बसंत पंचमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। ट्रस्ट के मंत्री श्रवण सेन ने बताया कि ऋतुराज बसंत के आगमन पर सांवरिया सरकार का विशेष 'बसंत श्रृंगार' किया गया, जिसे निहारने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंदिर के गर्भगृह को पीले और लाल पुष्पों की लड़ियों से भव्य रूप से सजाया गया। ठाकुर जी ने इस अवसर पर विशेष पीले रंग की पोशाक (पीतांबर) धारण की।

ट्रस्ट के सचिव कैलाश डाड ने बताया कि श्रृंगार की विशेषता यह रही कि भगवान के सम्मुख संगीत और कला का अद्भुत तालमेल देखने को मिला। विग्रह के समीप प्रतीकात्मक रूप से सितार, तबला, ढोलक और हारमोनियम जैसे वाद्य यंत्र सजाए गए, जो मां सरस्वती के आगमन और बसंत की शास्त्रीय परंपरा को जीवंत कर रहे थे। ठाकुर जी के मस्तक पर मोर मुकुट और गले में मोतियों के हार के साथ पुष्पों का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर 'सांवरिया सेठ के जयकारों' से गुंजायमान रहा। पुजारियों द्वारा विशेष आरती की गई और भगवान को बसंती व्यंजनों का भोग लगाया गया। भक्तों का मानना है कि बसंत पंचमी पर सांवरिया सेठ के इस पीले स्वरूप के दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और ज्ञान का संचार होता है। शाम तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा, जहाँ हर कोई इस मनमोहक छवि को अपने हृदय और मोबाइल कैमरों में कैद करता नजर आया।

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