अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूचा में सखी उत्सव का आयोजन
महिलाओं को संगठित कर उन्हें सशक्त करने और आत्मनिर्भर बनाने की हिन्दुस्तान जिंक की पहल सराहनीय है, महिलाएं अपने हुनर को पहचान कर आत्मविश्वास से स्वयं को सशक्त और स्थापित करें, यह बात पुलिस उपअधीक्षक शिल्पा भादविया ने हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगुचा एवं मंजरी फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित सखी उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और स्वतंत्र होती है वो घरेलू हिंसा का शिकार नही होती है। उन्होंने महिलाओं से आव्हान किया कि वे अन्य महिलाओं को भी इस हेतु प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है, बालिकाओं को अच्छी शिक्षा देना अनिवार्य है जिससे वह सही गलत की सही पहचान कर आगे बढ़ सके।
कार्यक्रम में प्रशासक हुरडा कृष्ण सिंह राठौड ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक की सखी परियोजना से हज़ारों की संख्या में सशक्त होकर आर्थिक विकास में अपना योगदान दे रही है वे अपने परिवार की आवश्यकाताओं को पूरा करने में सहयोग दे रही है जो कि क्रांतिकारी बदलाव है। यह इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को अवसर दिया जाएं तो वह क्या नही कर सकती है।
कार्यक्रम में रामपुरा आगुचा आईबीयू सीईओ राममुरारी ने हिन्दुस्तान जिंक द्वारा संचालित सखी परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी महिला सशक्तिकरण हेतु सदैव कटिबद्ध है। उन्होेंने कहा कि महिलाएं आज देश में किसी भी क्षेत्र में पिछे नही है सभी महिलाओं को प्रेरणा लेते हुए परिवार, समाज और देश के उत्थान के लिये आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क में महिला कर्मचारी किसी भी तरह के कार्य में पिछे नही है, रामपुरा आगुचा माइंस में देश की दूसरी महिला रेस्क्यू टीम तैनात है और सभी कार्यो में महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य कर रही है।
सुबह से आयोजित सखी उत्सव में मटकी फोड, चम्मच रेस, रस्सा कस्सी, कबड्डी और चम्मच रेस के खेल में गजब का संतुलन, फिर भजन किर्तन और राजस्थानी गानो पर नृत्य, महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। बढ़ते तापमान के बावजुद उत्साह में कोई कमी नही थी। कार्यक्रम का आयोजन सी.एस.आर कार्यक्रम के अन्तर्गत हुरडा के माली ग्राउण्ड परिसर में किया गया, जिसमें 1800 से अधिक ‘सखी‘ ग्रामीण महिलाओं, महिला कर्मचारियों एवं जिंक परिवार की सदस्यों ने बड चढ़कर परिवार, समाज और देश को सशक्त करने का प्रण लिया।
आयोजन में जहां ग्रामीण महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले तथा जीतने वाली महिलाओं को पुरस्कार वितरीत किये गये। सखी उत्सव में सखी फेडरेशन की अध्यक्ष ने परियोजना के वर्ष भर की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सीडीपीओ चैना मेघवाल, प्रशासक बडला आशा देवी, प्रशासक हुरडा सायरी देवी, रामपुरा आगुचा माइन के काॅमर्शियल हेड अमित अजीज, फाइनेंस हेड मनीष बंसल, सीएसओ अजय शर्मा, हेड सीएसआर भुवनेश शर्मा उपस्थित थे।
समूह की महिलाओं द्वारा लोक नृत्य तथा गीतों की लोकलुभावन प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में साथ ही सीएसआर के अन्तर्गत हिन्दुस्तान जिंक़ द्वारा संचालित की जा रही परियोजनाओं सखी, समाधान परियोजना, ज़िंक कौशल एवं शिक्षा संबंल एवं माइक्रोएन्टरप्राइजेज के कार्यो और गतिविधियों की जानकारी स्टाॅल के माध्यम से दी गयी। हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा 5 जिलों उदयपुर,राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेंर, चित्तौडगढ़ एवं उत्तराखण्ड के पंतनगर में सखी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। रामपुरा आगुचा क्षेत्र में हिन्दुस्तान जिंक की 300 सखी समूहों से जुड़कर 3500 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही है। कार्यक्रम का संयोजन हिन्दुस्तान जिं़क सीएसआर विभाग एवं मंजरी फाउण्डेषन ने किया।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा सखी और सूक्ष्म उद्यम कार्यक्रमों के माध्यम से, हिन्दुस्तान जिंक आर्थिक सशक्तिकरण, उद्यमिता और कौशल निर्माण सहित समावेशी विकास का एक पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित कर रहा है। सखी उत्पादन समिति के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यमों ने 14 उत्पादन इकाइयाँ और 208 स्टोर स्थापित किए हैं। खाद्य पदार्थ के दाइची और वस्त्र के उपाया ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण बाजारों के साथ मजबूत संबंध स्थापित हुए हैं। लैंगिक समानता, सभ्य कार्य, आर्थिक विकास और असमानताओं को कम करने पर संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, इस पहल ने 184 से अधिक गाँवों में 203 गाम संगठन 2,1607 स्वयं सहायता समूहों की 25,488 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया है।
