आकोला (रमेश चंद्र डाड)। पारोली बस स्टैंड पेंच एरिया में आयोजित भागवत कथा ने क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना दिया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर होकर कथा का श्रवण किया। दांतड़ा पीठाधीश्वर निर्मल राम महाराज ने अपने प्रवचनों से भक्तों के हृदय को छू लिया।
कथा में भक्ति मार्ग की महत्ता बताते हुए निर्मल राम महाराज ने कहा कि जिसने भक्ति मार्ग पर चलने का निश्चय कर लिया, उसके लिए गृहस्थ आश्रम एक किले के समान है, जहां रहकर ही जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना किया जाता है। उन्होंने सत्कर्म करते रहने और महापुरुषों के विचारों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। महाराज ने कहा कि महापुरुषों की बातें साधारण नहीं होतीं, बल्कि उन्हें अपनाने से जीवन संयम, साधना और संस्कारों से परिपूर्ण हो जाता है।
भावुक स्वर में महाराज ने कहा कि जिसने भगवान राम का नाम और गंगा जल का रस पी लिया, उसे किसी अन्य नाम या जल की आवश्यकता नहीं रहती। राम नाम मात्र से ही जीवन तर जाता है। उन्होंने संसार के सामने हाथ न फैलाने और केवल ठाकुरजी के आगे विनय करने का संदेश दिया। कथा में अहंकार त्यागकर कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की सीख दी गई। हरिनाम की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बार हरिनाम का रस पी लेने पर उसका प्रभाव जीवन भर रहता है। भजन प्रस्तुति पर श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। कथा में अनेक गणमान्यजन एवं बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।