भीलवाड़ा। आजाद चौक में अतिक्रमण को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार सायं करीब 4 बजे नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता एक बार फिर बाजार में पहुंचा। इस दौरान दस्ते ने दुकानदारों के बाहर रखे सामान को जब्त कर ट्रैक्टर में भरना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में अचानक अफरा-तफरी मच गई और व्यापारियों में जबरदस्त रोष फैल गया।
दुकानदारों का कहना है कि भेदभावपूर्ण कार्रवाई से परेशान होकर व्यापारियों का सब्र टूट गया, जिसके बाद उन्होंने बाजार के बीच रास्ते में बैठकर धरना दे दिया। धरने के कारण कुछ समय के लिए बाजार का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
दुकानदारों पर सख्ती, ठेला अतिक्रमण पर खामोशी
व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन करोड़ों रुपये की सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर किए गए ठेला अतिक्रमण को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि वैध दुकानों के बाहर रखा सीमित सामान ही कार्रवाई का मुख्य निशाना बनाया जा रहा है।
दुकानदारों ने कहा कि जिन ठेला व्यवसायियों ने वर्षों से बाजार की मुख्य सड़क, नालियों और चौराहों पर कब्जा कर रखा है, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि टैक्स, किराया और बिल चुकाने वाले स्थायी व्यापारियों को बार-बार परेशान किया जा रहा है।
ट्रैक्टर में सामान भरते ही भड़का आक्रोश
जैसे ही अतिक्रमण दस्ते ने दुकानों के सामने रखे सामान को ट्रैक्टर में भरना शुरू किया, व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों का कहना है कि
“अगर नियम तोड़ने वाले ठेला व्यवसायियों पर कार्रवाई होती, तो हमें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन जब केवल दुकानदारों को ही निशाना बनाया जा रहा है, तो यह सरासर अन्याय है।”
धरने पर बैठे व्यापारी
भारी नाराजगी के बीच व्यापारी सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन के दोहरे रवैये ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।
‘करोड़ों की जमीन पर कब्जा, फिर भी कार्रवाई नहीं’
व्यापारियों का आरोप है कि आजाद चौक क्षेत्र में कई ठेला व्यवसायियों ने करोड़ों रुपये मूल्य की जगह पर कब्जा कर रखा है। इन ठेलों की वजह से न तो वाहन निकल पा रहे हैं और न ही ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने की सुविधा मिल रही है। इसके बावजूद प्रशासन का पूरा फोकस दुकानदारों पर ही केंद्रित है।
व्यापार ठप, ग्राहक परेशान
धरना और कार्रवाई के चलते आजाद चौक में व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गईं। कई ग्राहक बिना खरीदारी किए लौट गए। दुकानदारों का कहना है कि लगातार हो रही एकतरफा कार्रवाई से व्यापार पहले ही मंदा है और अब स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
व्यापारियों की चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भेदभावपूर्ण कार्रवाई तुरंत बंद कर ठेला अतिक्रमण पर समान रूप से कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बाजार बंद और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मांग साफ: बराबरी की कार्रवाई
व्यापारियों की प्रमुख मांग है—
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सबके लिए समान हो
ठेला व्यवसायियों द्वारा किए गए स्थायी अतिक्रमण को हटाया जाए
वैध दुकानदारों को बार-बार परेशान करना बंद किया जाए
बाजार की यातायात व्यवस्था स्थायी रूप से सुधारी जाए
व्यापारियों का कहना है कि आजाद चौक में समस्या अतिक्रमण की है, दुकानदारों की नहीं, और जब तक प्रशासन यह फर्क नहीं समझेगा, तब तक विवाद और बढ़ता रहेगा।
