आटूण में देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन रविवार को

Update: 2025-11-01 09:18 GMT

आटूण। आटूण में देवउठनी एकादशी के अवसर पर 2 नवंबर रविवार को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाएगा। यह विवाह रघुनाथ सिंह पुरावत द्वारा करवाया जाएगा। भगवान शालिग्राम जी की बारात गढ़ के मंदिर से लगभग तीन बजे रवाना होकर गाजे-बाजे के साथ हवेली में विवाह स्थल पर पहुंचेगी, जहां तोरण रस्म के बाद पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह संपन्न होगा।

हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा (चातुर्मास) के बाद जागते हैं और उनका विवाह तुलसी देवी (वृंदा) के साथ कराया जाता है। तुलसी विवाह को कार्तिक मास की सबसे शुभ तिथियों में से एक माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी विवाह से जीवन में वैवाहिक सुख, संतुलन, सफलता और शांति बनी रहती है। इसी दिन से हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों से जुड़े शुभ कार्यों की शुरुआत भी होती है।

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