यूआईटी लॉटरी: 6 माह बाद भी रिफंड के लिए भटक रहे 3 हजार आवेदक, 'मिसमैच' ने अटकाया पैसा
भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास (यूआईटी) की आठ आवासीय योजनाओं के 3081 प्लॉटों की लॉटरी हुए छह माह बीत चुके हैं, लेकिन आवंटन से वंचित रहे लगभग तीन हजार आवेदक अपनी अमानत राशि वापस पाने के लिए आज भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के तहत निकाली गई इस योजना में करीब 90 हजार लोगों ने आवेदन किया था।
बैंकों ने लौटाई साढ़े तीन हजार आवेदकों की लिस्ट
यूआईटी के विशेषाधिकारी चिमनलाल मीणा ने बताया कि विभाग की ओर से रिफंड की सूची बैंकों को भेजी गई थी, लेकिन बैंकों ने लगभग साढ़े तीन हजार आवेदकों की लिस्ट 'मिसमैच' बताकर लौटा दी। तकनीकी कारणों जैसे बैंक खाते में नाम का मिलान न होना, गलत अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड की वजह से रिफंड अटक गया है। मीणा ने दावा किया है कि जो आवेदक कार्यालय आ रहे हैं, उनके डेटा में सुधार किया जा रहा है और अप्रैल के अंत तक सभी के खातों में राशि पहुंच जाएगी।
हाईकोर्ट में अब 27 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
लॉटरी प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में दायर विभिन्न रिट याचिकाओं पर अब अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को होगी। न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं न्यायमूर्ति संदीप शाह की खंडपीठ ने 8 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से समय मांगे जाने पर अगली तारीख तय की। गौरतलब है कि 11 नवंबर 2025 को जारी अंतरिम स्थगन आदेश फिलहाल प्रभावी है, जिससे आवंटन की आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है।