घर में ऐसे लगाएं भगवान गणेश की मूर्ति, मां लक्ष्मी और सफलता का मिलेगा आशीर्वाद
घर में भगवान गणेश की मूर्ति रखना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह वास्तु शास्त्र के अनुसार भी घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. पारंपरिक शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश संकटों के नाश करने वाले और बुद्धि, ज्ञान, कला और विज्ञान के देवता हैं.यदि आप उनकी मूर्ति को सही दिशा और विधि से घर में स्थापित करते हैं तो न सिर्फ आपका घर खुशहाल और शांतिपूर्ण होगा बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा से धन और सफलता भी आपके दरवाजे पर दस्तक देने लगेगी. यही कारण है कि गणेश जी की मूर्तियां घर या कार्यालय में रखी जाती हैं.
गणेश की मूर्ति रखने मिलते है यह शुभ लाभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बाहर मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करना भी शुभ माना जाता है. लेकिन ध्यान रहे कि भगवान गणेश की मूर्ति को एक अच्छे स्थान पर रखा जाए. यदि गणेश जी की मूर्ति को सिंहासन पर रखा जाए और पूजा की जाए तो यह बहुत लाभकारी होता है.
वहीं अगर गणेश जी को केवल शो-पीस के रूप में किसी कोने में रखा जाए तो इससे नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न हो सकता है.
भगवान गणेश की मूर्ति को मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखना चाहिए. यदि आप घर के मुख्य द्वार पर गणेश प्रतिमा को घर के अंदर की ओर रखते हैं तो कोई भी बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं. ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी भगवान गणेश से पहले निवास करती हैं और देवी लक्ष्मी उनके पीछे निवास करती हैं.
यदि मुख्य द्वार पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर है तो वहां गणेश प्रतिमा रखना उचित नहीं है. इससे परिवार में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. जिन घरों में मुख्य प्रवेश द्वार उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर है वहां मुख्य द्वार के ऊपर गणेश प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है. ग्क
गणेश को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए. इससे परिवार में शांति बनी रहती है.
गणेश प्रतिमा खरीदते समय इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि उनकी सूंड किस ओर है. घर के लिए नारंगी या केसरिया रंग की गणेश प्रतिमाएं शुभ होती हैं. हालांकि घर में कभी भी टूटी हुई मूर्ति न रखें. शयन कक्ष, स्नानघर, गैरेज या सीढ़ियों के नीचे दीवारों पर गणेश प्रतिमा या चित्र लगाना अनुचित है.
