क्या आप भी घर पर सुबह-शाम जलाते हैं अगरबत्ती? सेहत को हो सकते हैं ये नुकसान

Update: 2025-02-24 21:30 GMT

हम सभी के घरों में पूजा-पाठ का होना बेहद ही आम बात है. सुबह और शाम के समय पर खासतौर पर हमारे घरों में पूजा-पाठ की जाती है. पूजा करते समय अक्सर हम धूप या फिर अगरबत्ती (Incense sticks) जलाते हैं और उसे पूरे घर में घुमाते हैं और अंत में जाकर उसे मंदिर के पास स्थापित कर देते हैं. अगर आप भी यह काम रोजाना करते हैं और काफी देर तक इन धूप और अगरबत्तियों से निकलने वाले धुंए के बीच रहते हैं तो आपको आज ही से सतर्क हो जाना चाहिए. आपकी यह गलती आपके सेहत को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकती है. आपको शायद यह सुनकर अजीब लगे लेकिन अगरबत्ती से निकलने वाला धुआं आपकी सेहत को बुरी तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको अगरबत्ती के धुंए की वजह से आपके सेहत को होने वाले नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं. तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

फेफड़ों को होता है नुकसान

जब आप अगरबत्ती जलाते हैं तो उसके धुंए में से कुछ केमिकल्स निकलते हैं. ये केमिकल्स आपके फेफड़ों के लिए काफी ज्यादा हानिकारक हो सकते हैं. कई रिसर्च में भी इस बात का खुलासा किया गया है कि अगरबत्ती और धूप में इस्तेमाल की जाने वाली पॉली एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन आपके फेफड़ों पर काफी बुरा प्रभाव डालता है. केवल यहीं नहीं, इससे निकलने वाला जो धुआं होता है वह सिगरेट के धुंए से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. अगरबत्ती के धुंए से आपके फेफड़ों की झिल्ली में इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है.

दिमाग को हो सकता है नुकसान

जब आप अगरबत्ती या फिर धूप जलाते हैं तो ऐसे में उससे निकलने वाले धुंए से कई तरह की केमिकल्स निकलते हैं. काफी देर तक या फिर लंबे समय तक इस धुंए में रहने से इंसान के दिमाग पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. कई बार इस धुंए की वजह से सिरदर्द, फोकस करने में परेशानी और डिमेंशिया जैसी समस्याएं भी हो सकती है.

स्किन एलर्जी

जब आप काफी देर तक या फिर लंबे समय तक अगरबत्ती के धुंए में रहते हैं तो ऐसे में आपको स्किन से जुड़ी एलर्जी या फिर आंखों से जुड़ी एलर्जी भी हो सकती है. कई बार इस धुंए के सम्पर्क में आने की वजह से आपकी आंखों और स्किन में खुजली की शिकायत हो सकती है.

कैंसर का खतरा

अगरबत्ती और धूप से निकलने वाले धुंए का असर सीधे तौर पर आपके फेफड़ों पर ही पड़ता है. जब आप लंबे समय तक इस धुंए में रहते हैं तो इससे आपको अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, ट्रेकियल कैंसर के साथ ही सीओपीडी का भी खतरा बना हुआ रहता है.

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