दिन में इतने घंटे से अधिक स्क्रीन देखना आंखों के लिए बड़ा खतरा, नई स्टडी में खुलासा

Update: 2025-02-25 19:50 GMT

अगर आप भी स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्क्रीन पर अधिक समय देते हैं तो सावधान हो जाए. क्योंकि यह आपकी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहे हैं. हाल ही में एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. स्टडी में दावा किया गया है कि आप दिन में अगर 1 घंटे से अधिक स्क्रीन पर टाइम देते हैं तो मायोपिया का शिकार हो सकते हैं. मायोपिया आंखों की गंभीर बीमारी है, जिसमें आंखों से दूर की चीजें धुंधली दिखती है.

जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन पर कोई व्यक्ति अगर 1 घंटे से अधिक समय बिता रहा है तो उसमें मायोपिया होने का जोखिम बढ़ सकता है. व्यक्ति को इसमें पास की चीजें तो साफ लेकिन दूर की चीजें अच्छे से दिखाई नहीं देती है. स्टडी में पाया गया कि 1 या इससे अधिक घंटे डिजिटल स्क्रीन पर समय बिताने से मायोपिया का खतरा 21 फीसदी बढ़ जाता है.

3 लाख से अधिक लोगों पर किया गया शोध

शोधकर्ताओं ने तीन लाख से अधिक लोगों पर स्क्रीन टाइम से होने वाले नुकसान का अध्ययन किया. इस स्टडी में पता चला है कि अगर कोई हर दिन 1 घंटे से अधिक डिजिटल स्क्रीन पर समय बिता रहा है तो उसमें आंखों की नकदीक की चीजें दिखने की क्षमता कम हो रही है. वहीं, अगर कोई 1 घंटे से कम स्क्रीन टाइम देख रहा है तो उसमें इस बीमारी के होने के चांसेज कम है.

मायोपिया होने का खतरा अधिक

हालांकि विशेषज्ञों ने साफ कहा कि 1 घंटे से अधिक जितना आप स्क्रीन टाइम बढ़ांगे उतना अधिक मायोपिया होने का खतरा रहेगा. शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को चिकित्सकों को इलाज करने में कारगर बताया. एक्सपर्ट्स ने 45 जांचों से प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा की, जिसमें बच्चों से लेकर युवा, वयस्कों तक 3.35 लाख से अधिक प्रतिभागियों में स्क्रीन समय और निकट दृष्टि दोष के बीच संबंध को देखा गया.

दिमाग समेत ओवरऑल हेल्थ को नुकसान

आजकल अधिकांश लोगों की स्क्रीन टाइमिंग बढ़ती जा रही है. स्क्रीन टाइमिंग ना सिर्फ आंखों पर असर डाल रही है, बल्कि दिमाग और ओवर हेल्थ को भी नुकसान पहुंचा रही है. शोधकर्ताओं ने स्क्रीन टाइम अधिक होने से दिमाग पर भी बुरा असर पड़ने को लेकर अगाह किया है. शोधकर्ताओं ने कहा कि 1 से 4 घंटे तक स्क्रीन टाइम बढ़ाने से सिर्फ आंखें खराब होने का खतरा नहीं रहता. बल्कि इसके साथ कई सारी बीमारियों के होने का भी खतरा बना रहता है. स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से दिमाग की सोचने-समझने की शक्ति कम होने लगती है और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है.

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