एक साल में 1 भारतीय कितने किलो खा जाता है कुकिंग ऑयल? जवाब जानने की हिम्मत रखिए
दुनियाभर में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. इसकी वजह से डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. साल 2023 की वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2030 तक आते-आते दुनियाभर में ओवरवेट या मोटापे से ग्रसित लोगों की संख्या 50 फीसदी हो जाएगी. ये आंकड़े अपने आप में डराने वाले हैं.
इस बीच पीएम मोदी ने भी मोटापे के खिलाप अभियान शुरू कर दिया है. बीते दिन रविवार 23 फरवरी को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने मोटापे की समस्या पर भी बात की. इसके साथ ही, उन्हों लोगों से कम से कम तेल का इस्तेमाल करने की अपील भी की थी. उन्होंने कहा कि खाने के तेल में 10% कमी करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से इस चुनौती से निपटा जा सकता है.
पीएम ने कहा कि इसके लिए एक चैलेंज भी शुरू किया है, जिसमें उन्होनें देश के नामी 10 लोगों को नॉमीनेट किया है. उन्होंने कहा था कि वह 10 लोगों को चैलेंज करेंगे कि क्या वे अपने खाने में ऑयल को 10% कम कर सकते हैं?
कुकिंग ऑयल से बढ़ता है वजन
ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि सिर्फ शुगर और कार्ब्स से ही वजन बढ़ता है. लेकिन शुगर से कहीं ज्यादा कुकिंग ऑयल वजन बढ़ा सकते हैं. आप खाना बनाते समय किस तरह के तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं और कितना कर रहे हैं- ये सारी चीजें वेट पर असर डाल सकती हैं. ज्यादातर लोग रिफाइंड ऑयल में अनहेल्दी फैट्स होते हैं, जो शरीर में चर्बी जमा कर सकते हैं.
तेल का बढ़ा इस्तेमाल
साल 2024 की नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले कुछ सालों में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल प्रति व्यक्ति पर कुकिंग ऑयल को खा रहा है. साल 2022-23 में भारत ने 16.5 मिलियन टन एडिबल ऑयल का इंपोर्ट किया है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, हर 4 में से एक भारतीय या तो ओवरवेट है या मोटापे से जूझ रहा है. आपको ये भी बता दें कि भारत में बच्चों में मोटापे की दर वयस्कों की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही है.
बहरहाल, आंकड़े चौंकाने वाले हैं. अगर मोटापे की इस समस्या को कम करना है तो पीएम मोदी की कम तेल को डाइट में शामिल करने वाली बात को पूरी तरह से अपनी लाइफस्टाइल रुटीन में लागू करना होगा.
